UP Electricity Crisis: भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहराया, कई जिलों में घंटों कटौती और ट्रिपिंग से जनता परेशान

UP Electricity Crisis 2026: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराता जा रहा है. सरकार रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन कई जिलों में घंटों की कटौती, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज से लोग परेशान हैं. कई जगहों पर जनजीवन और कारोबार प्रभावित हो रहा है.

यूपी तक

• 12:47 PM • 27 May 2026

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UP Electricity Crisis 2026: उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. ऐसे हालात में बिजली लोगों के लिए सबसे जरूरी राहत का साधन बन गई है, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली संकट ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सरकार और बिजली विभाग जहां रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का दावा कर रहे हैं, वहीं जमीनी स्तर पर स्थिति कई जगह अलग तस्वीर पेश कर रही है.

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सरकार का दावा: रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 31,824 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य देश में सबसे अधिक बिजली सप्लाई करने वाला राज्य बन गया है. सरकार के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुसार बिजली दी जा रही है. मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर तकनीकी, प्राकृतिक और मानव कारणों से स्थानीय बाधाएं आ रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए बिजली कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री का विपक्ष पर हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली संकट को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आज जो लोग बिजली व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उनके समय में बिजली के तारों पर लोग कपड़े सुखाते थे. सीएम ने दावा किया कि पहले सप्ताह के हिसाब से बिजली मिलती थी, जबकि अब पूरे प्रदेश में नियमित आपूर्ति हो रही है. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पावर स्टेशनों पर शटडाउन और तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिन पर सरकार लगातार निगरानी कर रही है.

लखनऊ में बिजली संकट से प्रभावित हुआ चिकनकारी उद्योग

राजधानी लखनऊ में बिजली कटौती का असर पारंपरिक चिकनकारी उद्योग पर भी देखने को मिल रहा है. पुराने लखनऊ के कारीगरों के अनुसार कई इलाकों में 5 से 6 घंटे तक बिजली गायब रहती है, जिससे कढ़ाई का काम प्रभावित हो रहा है.

कारीगरों का कहना है कि गर्मी और पसीने के कारण बारीक काम करना मुश्किल हो गया है. वहीं कुछ कारोबारियों के अनुसार बिजली संकट के कारण सप्लाई में लगभग 20 प्रतिशत तक देरी हो रही है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है.

गोरखपुर में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में बिजली व्यवस्था अन्य जिलों की तुलना में बेहतर बताई जा रही है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर समय बिजली उपलब्ध है, लेकिन बीच-बीच में ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं.

इटावा, बांदा और चंदौली में लोगों की परेशानी

इटावा में ओवरलोड और ट्रिपिंग बड़ी समस्या बनी हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे सप्लाई के दावों के बावजूद रात में लगातार कटौती हो रही है. बांदा में बिजली संकट को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला, जहां प्रदर्शन और सड़क जाम जैसी स्थिति बनी. वहीं चंदौली में ग्रामीण इलाकों में 17 से 18 घंटे बिजली मिलने का दावा है, लेकिन लगातार ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं.

सहारनपुर, देवरिया और बिजनौर में कटौती की शिकायतें

सहारनपुर में शहर में करीब 6 घंटे और गांव में 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं. इसके अलावा देवरिया में अघोषित कटौती और फॉल्ट से लोग परेशान हैं, वहीं बिजनौर में किसानों का आरोप है कि बिजली कटौती के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं.

महोबा, झांसी और प्रतापगढ़ में भी संकट

महोबा में ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 14 घंटे बिजली मिल रही है, जबकि शहर में 20 से 21 घंटे सप्लाई बताई जा रही है. झांसी में रातभर बिजली आने-जाने से लोग परेशान हैं. प्रतापगढ़ में तकनीकी खराबी के चलते कई उपकेंद्र प्रभावित हुए और पूरा जिला घंटों अंधेरे में रहा.

कानपुर, मेरठ और अलीगढ़ में कारोबार और जनता प्रभावित

कानपुर में बिजली संकट का असर व्यापार पर पड़ा है, जहां होटल और दुकानें जनरेटर पर निर्भर हैं. मेरठ में कई इलाकों में 10 से 12 घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें हैं. अलीगढ़ में लो वोल्टेज और लगातार ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं, कुछ जगहों पर एक घंटे में 10 बार तक बिजली ट्रिप होने की शिकायतें भी सामने आई हैं.

प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी में स्थिति गंभीर

प्रयागराज के करेली, धूमनगंज और अन्य इलाकों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं. विभाग इसे ओवरलोड का कारण बता रहा है. अयोध्या में ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे बिजली आपूर्ति की बात सामने आई है, जबकि शहर में भी कटौती जारी है. वाराणसी में रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच ट्रांसफार्मर फेल होने और पेयजल संकट जैसी समस्याएं बढ़ी हैं.

जौनपुर, सीतापुर और अन्य जिलों में भारी कटौती

जौनपुर और सीतापुर में ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही हैं. लोगों का कहना है कि 18 घंटे बिजली देने का दावा केवल कागजों तक सीमित दिखाई देता है.

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