CM Matikala Rozgar Yojana: उत्तर प्रदेश में पारंपरिक हुनर और कुटीर उद्योगों को नई उड़ान देने के लिए सरकार शानदार स्कीम चला रही है. अगर आप भी मिट्टी के खूबसूरत बर्तन, डिजाइनर दीये, कुल्हड़ या सजावटी सामान बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो सरकार आपकी जेब खाली नहीं रहने देगी. इस योजना का नाम है- मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना (MMKRY), जो गांवों और कस्बों के हुनरमंदों को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है.
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अक्सर देखा जाता है कि हमारे देश के पारंपरिक कारीगरों और कुम्हार भाइयों के पास हुनर तो होता है, लेकिन पैसे की कमी के कारण वे अपने काम को बड़ा रूप नहीं दे पाते. इसी दर्द को समझते हुए उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने इस विशेष योजना की शुरुआत की. इसके तहत न सिर्फ आधुनिक मशीनें और ट्रेनिंग दी जा रही है, बल्कि अपना खुद का रोजगार स्थापित करने के लिए सीधे बैंक से लोन भी दिलवाया जा रहा है.
₹10 लाख तक का लोन और भारी-भरकम सब्सिडी
उत्तर प्रदेश सरकार इस योजना के जरिए माटीकला से जुड़े लोगों को अपना खुद का उद्योग या छोटी फैक्ट्री लगाने का मौका दे रही है. इसके तहत प्रोजेक्ट के आधार पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन बैंकों के माध्यम से मंजूर किया जाता है.
इस योजना की सबसे खूबसूरत बात इसकी सब्सिडी पॉलिसी है-
- 25% की बंपर छूट: स्वीकृत लोन के पूंजीगत हिस्से पर सरकार सीधे 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी देती है. यानी लोन का एक बड़ा हिस्सा आपको चुकाना ही नहीं पड़ता.
- खुद का सिर्फ 5% योगदान: काम शुरू करने के लिए आपको अपनी जेब से कुल लागत का सिर्फ 5% पैसा लगाना होगा, बाकी 95% रकम बैंक लोन के तौर पर मिल जाएगी.
- एक और बड़ी राहत: मिट्टी के बर्तनों की डिमांड बढ़ाने और प्लास्टिक-थर्मोकोल को मात देने के लिए सरकार कई क्षेत्रों में कुम्हारों को फ्री में इलेक्ट्रिक चाक और आधुनिक टूल-किट भी बांट रही है, ताकि मेहनत कम हो और मुनाफा दोगुना.
इन 3 कैटेगरी के बिजनेस के लिए मिलेगी मदद
आजकल मार्केट में मिट्टी के फैंसी और ऑर्गेनिक बर्तनों का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ा है. लोग सेहत के लिए मिट्टी के बर्तनों को तवज्जो दे रहे हैं. आप इस योजना के तहत इन तीन मुख्य श्रेणियों में अपना बिजनेस प्लान कर सकते हैं-
- रसोई और घरेलू उत्पाद: मिट्टी का प्रेशर कुकर, कढ़ाई, बोतलें, वॉटर डिस्पेंसर, घड़े, फैंसी कुल्हड़, कप-प्लेट और कटोरियां.
- सजावटी और मांगलिक सामान: टेराकोटा के शो-पीस, खूबसूरत गमले, लैंप शेड्स, दीपावली के डिजाइनर दीये और देवी-देवताओं की मूर्तियां.
- भवन निर्माण सामग्री: पर्यावरण के अनुकूल क्ले फ्लोर टाइल्स, छत के लिए खपरैल (रूफ टाइल्स) और मिट्टी के डिजाइनर वॉश बेसिन.
कौन कर सकता है अप्लाई?
यह योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. इसके नियम काफी आसान रखे गए हैं-
- उम्र सीमा: आवेदक की उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- मूल निवासी: आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है.
- शैक्षणिक योग्यता: अगर आप 5 लाख रुपये तक का लोन लेना चाहते हैं, तो पढ़ाई की कोई सख्त पाबंदी नहीं है, बस आपको साक्षर (लिखना-पढ़ना जानने वाला) होना चाहिए. यदि प्रोजेक्ट 5 लाख से 10 लाख रुपये के बीच का है, तो आवेदक का कम से कम कक्षा 8 पास होना जरूरी है. इसके साथ ही माटीकला की पारंपरिक जानकारी या किसी संस्थान से ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना चाहिए.
घर बैठे ऑनलाइन करें आवेदन
अब वो जमाना चला गया जब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर चप्पलें घिस जाती थीं. मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया गया है.
- सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in या खादी ग्रामोद्योग की वेबसाइट पर जाएं.
- वहां 'मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना' के लिंक पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन करें.
- फॉर्म में अपनी निजी जानकारी, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति/पारंपरिक व्यवसाय का सर्टिफिकेट और अपने बिजनेस प्रोजेक्ट की डिटेल (DPR) अपलोड करें.
- अगर आप ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने जिले के विकास भवन में स्थित 'जिला ग्रामोद्योग अधिकारी' के दफ्तर जाकर भी इसके बारे में पूरी मदद ले सकते हैं.
आज के दौर में जब लोग केमिकल और प्लास्टिक से दूर होकर दोबारा अपनी जड़ों यानी 'ऑर्गेनिक लाइफस्टाइल' की तरफ लौट रहे हैं, ऐसे में मिट्टी के प्रोडक्ट्स का बिजनेस घाटे का सौदा बिल्कुल नहीं है. अगर आपके हाथों में हुनर है और आप उसे एक बड़े ब्रांड में बदलना चाहते हैं, तो सरकार की इस स्कीम का फायदा उठाने में देर मत कीजिए.
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