यूपी के इन 6 जिलों में जमीन के बढ़ेंगे दाम, मिर्जापुर से गाजीपुर तक बनेगा 107 किमी लंबा नया लिंक एक्सप्रेसवे

आयशा शेख़

• 12:29 PM • 10 Jul 2026

उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित पूर्वांचल–मिर्जापुर–गाजीपुर लिंक एक्सप्रेसवे से मिर्जापुर, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, प्रयागराज और सोनभद्र समेत कई जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है.

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UP New Expressway: यूपी में एक और एक्सप्रेसवे की एंट्री होने जा रही है और इस बार का प्लान सीधे तौर पर तीन बड़े इलाकों की तस्वीर बदलने वाला है. मिर्जापुर से गाजीपुर को जोड़ने वाले इस लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 100 से 107 किलोमीटर के आसपास प्रस्तावित है.

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इस नए प्रोजेक्ट का नाम है 'पूर्वांचल-मिर्जापुर-गाजीपुर लिंक एक्सप्रेसवे' (Purvanchal-Mirzapur-Ghazipur Link Expressway). इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए यूपी के तीन बड़े क्षेत्रों पूर्वांचल, विंध्य और बुंदेलखंड को आपस में बेहतरीन तरीके से जोड़ा जाएगा.

इन प्रमुख जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

  • गाजीपुर: यह इस लिंक एक्सप्रेसवे का आखिरी सिरा होगा. गाजीपुर की सेवराई और मुहम्मदाबाद तहसीलों के करीब 32 से ज्यादा गांवों की जमीन इस प्रोजेक्ट के दायरे में आ रही है. इससे गाजीपुर में बनने वाले इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को रफ्तार मिलेगी.  
  • मिर्जापुर: मिर्जापुर के हामिदपुर गांव से यह रूट शुरू होकर सीधे गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. इस रूट के बनने से 'विंध्य धाम' आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर बेहद आसान हो जाएगा और यहां का मशहूर कालीन उद्योग भी चमकेगा.  
  • वाराणसी: यह एक्सप्रेसवे वाराणसी और उसके आस-पास के इलाकों को भी एक बेहतरीन बाईपास और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगा.
  • चंदौली: विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के रूट में चंदौली भी शामिल है, जिससे इस जिले के व्यापारियों को सीधा फायदा होगा.  
  • प्रयागराज: चूंकि मुख्य विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज से शुरू हो रहा है, इसलिए इस लिंक रोड के जरिए प्रयागराज से पूर्वांचल और बिहार सीमा तक जाना बेहद आसान हो जाएगा.  
  • सोनभद्र: सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे खनिज संपदा से भरपूर जिलों से निकलने वाले पत्थरों और खनिजों का परिवहन इस एक्सप्रेसवे की मदद से देश के बड़े बाजारों तक तेजी से हो सकेगा.  

उत्तर प्रदेश के इन जिलों के अलावा मध्य प्रदेश (रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली), बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से आने-जाने वाले लोगों और व्यापारियों को भी इस कॉरिडोर से सीधा फायदा मिलेगा. वे इसके जरिए बेहद कम समय में यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क तक पहुंच सकेंगे.  

रफ्तार के साथ बदलेगी यूपी की तस्वीर

इस नए एक्सप्रेसवे के आने से केवल दूरी ही कम नहीं होगी, बल्कि विकास की एक नई राह खुलेगी. सरकार के इस कदम से कई सेक्टर्स को सीधे तौर पर बूस्ट मिलने की उम्मीद है-

  • यात्रा का समय होगा कम: मिर्जापुर और गाजीपुर के बीच का सफर अब घंटों के बजाय बेहद कम समय में पूरा हो सकेगा.
  • पूर्वांचल को मिलेगी मजबूती: पूर्वांचल का जो इलाका पहले कभी कनेक्टिविटी के मामले में पीछे छूट जाता था, वह अब सीधे हाई-स्पीड नेटवर्क से जुड़ जाएगा.
  • इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चर ग्रोथ: एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, किसानों को अपनी फसल बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे कृषि और व्यापार को नया आयाम मिलेगा.
  • रोजगार और पर्यटन: इस कॉरिडोर के बनने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इसके अलावा, विंध्य और पूर्वांचल के धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंचना भी काफी आसान हो जाएगा.

गंगा नदी पर बनेगा नया ब्रिज

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि गाजीपुर के गहमर के पास गंगा नदी पर एक बड़ा ब्रिज बनाया जाएगा. ब्रिज गंगा को पार कर शेरपुर इलाके में उतरेगा और फिर सीधे कुंडेसर के पास जाकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिल जाएगा. इस लिंक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह तैयार होने के बाद, बुंदेलखंड, विंध्य और पूर्वांचल के बीच की दूरी तो कम होगी ही, साथ ही व्यापार और रोजगार के सैकड़ों नए रास्ते खुलेंगे.