मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आए SSP अविनाश पांडेय के कथित थप्पड़ कांड पर सियासत लगातार तेज होती जा रही है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के बाद अब भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी मेरठ SSP अविनाश पांडे की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस अभिरक्षा में किसी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.
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क्यों चर्चा में है मेरठ का थप्पड़ कांड?
यह मामला मेरठ में बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है. प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें SSP अविनाश पांडे प्रदर्शनकारियों के बीच दिखाई दे रहे हैं. एक अन्य वायरल वीडियो में वह पुलिस के बंदी वाहन के पास जाकर हिरासत में लिए गए रवि गौतम को थप्पड़ मारते नजर आते हैं. इन्हीं वीडियो के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया.
राकेश टिकैत ने क्या कहा?
मुजफ्फरनगर पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की है.
उन्होंने कहा, "अगर पुलिस की सुरक्षा में, पुलिस की गाड़ी में बैठा आदमी भी सुरक्षित नहीं है और उसके साथ मारपीट होती है, तो इसका हम पूरा विरोध करते हैं."
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
टिकैत ने आगे कहा,
"जब किसी को पकड़ लिया है तो उसे जेल भेजिए, लेकिन पुलिस की गाड़ी में मारपीट करना तानाशाही है."
उन्होंने यह भी कहा कि अत्याचार होंगे तो आंदोलन भी होंगे और लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी पड़ेगी.
'यह एसएसपी का व्यवहार नहीं हो सकता'
राकेश टिकैत ने कहा कि वायरल वीडियो में जो दिखाई दे रहा है, वह किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पद के अनुरूप नहीं है.
उन्होंने कहा,
"यह एसएसपी का व्यवहार नहीं हो सकता. ऐसा लगता है जैसे कोई मारपीट करने के लिए ही आया हो. मारपीट करने की भी कानून में धाराएं हैं, तो वे यहां क्यों लागू नहीं होंगी?"
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति को थप्पड़ मारा गया है, तो उसके लिए भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
पीड़ित से मिलने का किया ऐलान
राकेश टिकैत ने कहा कि वह उस व्यक्ति से भी मुलाकात करेंगे, जिसके साथ कथित तौर पर पुलिस वाहन के भीतर मारपीट हुई.
उन्होंने कहा,
"हम उस वकील से मिलेंगे और उसके साथ खड़े रहेंगे, क्योंकि कल यह घटना किसी के साथ भी हो सकती है."
साथ ही उन्होंने SSP अविनाश पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की.
SSP अविनाश पांडे ने क्या कहा?
वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए SSP अविनाश पांडे ने कहा कि सोशल मीडिया पर घटना का केवल एक हिस्सा दिखाया जा रहा है, जबकि पूरी परिस्थितियों को नजरअंदाज किया गया है.
उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश बताते हुए दावा किया कि कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को उकसाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. SSP ने भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर गुट) के नेता दिग्विजय सिंह भाटी और रवि गौतम का नाम लेते हुए भी गंभीर आरोप लगाए.
पुलिस ने क्या जानकारी दी?
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है. इसके अलावा 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कंटेंट की भी निगरानी की जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, मई महीने में मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए छात्रा ललिता गौतम परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं. इसके बाद परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और शुरुआत में ही अंकुश नाम के युवक पर शक जताया.
अगले दिन रोहटा थाना क्षेत्र के गन्ने के खेत से ललिता गौतम का शव बरामद हुआ. घटना के बाद परिजनों ने हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. इसी मांग को लेकर प्रदर्शन हुए. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी. इसी दौरान सोशल मीडिया पर SSP अविनाश पांडे के कथित थप्पड़ मारने वाले वीडियो वायरल हुए, जिनके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया.
अब इस मुद्दे पर अखिलेश यादव, चंद्रशेखर आजाद और राकेश टिकैत जैसे नेताओं के बयान सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है. वहीं पुलिस अपनी कार्रवाई और वायरल वीडियो दोनों की जांच की बात कह रही है.
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