UP Political News: यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की हलचल का सटीक विश्लेषण करता है. आज के अंक में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करेंगे, जिसमें पश्चिम बंगाल चुनाव में यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा की सख्त चेतावनी, गाजीपुर के निशा विश्वकर्मा प्रकरण पर अखिलेश यादव का आगामी दौरा और इस मुद्दे पर ओम प्रकाश राजभर का तीखा पलटवार शामिल है.
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यूपी के IPS ने TMC प्रत्याशी को दी सख्त चेतावनी
उत्तर प्रदेश के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी और 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' अजय पाल शर्मा इन दिनों पश्चिम बंगाल के चुनाव में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. चुनाव आयोग ने उन्हें दूसरे चरण के चुनाव के लिए दक्षिण परगना (अभिषेक बनर्जी का गढ़) में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
ड्यूटी संभालते ही अजय पाल शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वे टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के घर पहुंचकर उनके परिजनों और समर्थकों को सख्त लहजे में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर इलाके में किसी को भी धमकाया गया या मतदान में गड़बड़ी की गई, तो 'कायदे से इलाज' किया जाएगा. पश्चिम बंगाल के चुनावी हिंसा के इतिहास को देखते हुए, अजय पाल शर्मा जैसे कड़क अधिकारी की तैनाती को आयोग का एक बड़ा संदेश माना जा रहा है.
कौं हैं IPS अजय पाल शर्मा?
यूपी कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा की पहचान एक सख्त और दबंग पुलिस अफसर की है. पंजाब के लुधियाना के रहने वाले अजय पाल मूल रूप से एक डेंटिस्ट (BDS) थे, लेकिन बाद में उन्होंने सिविल सेवा में आकर पुलिस की वर्दी चुनी.
यूपी के शामली, नोएडा और रामपुर जैसे जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने 100 से अधिक एनकाउंटर (मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) किए. योगी सरकार के पहले कार्यकाल में नोएडा SSP के रूप में उनकी कार्यशैली की काफी चर्चा रही. फिलहाल वे प्रयागराज में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात हैं और 2026 बंगाल चुनाव में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
गाजीपुर दौरा और अखिलेश यादव की 'मैसेजिंग' पॉलिटिक्स
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव 29 अप्रैल को गाजीपुर जा रहे हैं. वे वहां उस विश्वकर्मा परिवार से मुलाकात करेंगे, जिसकी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. सपा इस मामले को 'गैंगरेप और हत्या' बता रही है, जबकि पुलिस की शुरुआती जांच इसे अलग मोड़ दे रही है.
दिलचस्प बात यह है कि अखिलेश यादव ने दौरे के लिए वही दिन चुना है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे. प्रधानमंत्री वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे और हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह दौरा भाजपा के बड़े इवेंट के बीच अपनी 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति को फोकस में रखने और मीडिया कवरेज को संतुलित करने की एक सोची-समझी रणनीति है.
ओम प्रकाश राजभर का पलटवार- 'जाति संघर्ष कराना चाहते हैं अखिलेश'
गाजीपुर मामले पर सियासत गरमाते ही सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने पुलिस थ्योरी का समर्थन करते हुए इसे 'प्रेम प्रसंग और आत्महत्या' का मामला बताया है.
राजभर ने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें पहले सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल चैट देख लेनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को सिर्फ गाजीपुर ही क्यों दिख रहा है? राजभर ने अन्य जिलों की घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि वहां अखिलेश क्यों नहीं गए. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे के जरिए 'ब्राह्मण बनाम ओबीसी' का कार्ड खेलकर प्रदेश में जातीय संघर्ष कराना चाहती है.
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