गौतमबुद्ध नगर के लिए साल 2025 उम्मीदों, कानूनी फैसलों और बुनियादी ढांचे के अधूरे वादों का एक मिला-जुला सफर रहा. दुनिया के नक्शे पर उभरते इस जिले ने जहां जेवर एयरपोर्ट की नई डेडलाइन देखी, वहीं निठारी और अखलाख जैसे पुराने मामलों ने एक बार फिर राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा. पेश है विशेष रिपोर्ट: साल 2025 में नोएडा-ग्रेटर नोएडा की वो बड़ी खबरें जो सुर्खियों में रहीं.
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1. जेवर एयरपोर्ट: एक साल और बढ़ गया इंतजार
एशिया के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में देखे जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इंतजार 2025 में भी खत्म नहीं हुआ. पहले चरण के लिए सितंबर 2024 की डेडलाइन बीतने के बाद, पूरे साल उद्घाटन की नई तारीखों का दौर चलता रहा.
नई तारीख: दिसंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में एलान किया कि अब एयरपोर्ट का उद्घाटन जनवरी 2026 में होगा.
जमीन अधिग्रहण: दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया विरोध और मुआवजे की मांगों के बीच जारी रही, जिसने इस प्रोजेक्ट को लगातार चर्चा में रखा.
2. मेट्रो और इंफ्रास्ट्रक्चर: राहत और अटके प्रोजेक्ट्स
नोएडा के निवासियों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
मेट्रो का इंतजार: नोएडा एक्सटेंशन (Greater Noida West), सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा से बोड़ाकी तक की तीन मेट्रो लाइनों के विस्तार की फाइलें कभी डीपीआर (DPR) तो कभी केंद्र/राज्य सरकार की मंजूरी के बीच फंसी रहीं.
भंगेल फ्लाईओवर: 608 करोड़ की लागत से बना यह 6-लेन एलिवेटेड रोड नवंबर में ट्रायल के लिए खोला गया. इससे हजारों लोगों को राहत मिली.
अधूरे प्रोजेक्ट्स: चिल्ला फ्लाईओवर, फिल्म सिटी और FNG एक्सप्रेस-वे का काम अभी भी कछुआ गति से चल रहा है. इससे दिल्ली और फरीदाबाद की राह अब भी मुश्किल बनी हुई है.
3. अदालती फैसले: निठारी कांड और अखलाख केस
2025 में कोर्ट के दो बड़े फैसलों ने देश को चौंका दिया:
सुरिंदर कोली की रिहाई: निठारी सीरियल किलिंग के दोषी सुरिंदर कोली को 19 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद लुकसर जेल से रिहा कर दिया गया. मोनिंदर सिंह पंढेर पहले ही 2023 में बाहर आ चुका था. पीड़ित बच्चों के माता-पिता ने हार मान लेने और न्याय को ईश्वर के भरोसे छोड़ने की बात कही.
दादरी अखलाक कांड: 2015 के चर्चित अखलाक लिंचिंग केस में यूपी सरकार की आरोप वापस लेने की याचिका को कोर्ट ने आधारहीन बताकर खारिज कर दिया. अब इस केस का ट्रायल रोजाना आधार पर होगा.
4. प्रदूषण और पर्यावरण की मार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) साल भर नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को फटकार लगाता रहा.
हवा का जहर: सर्दियों में AQI बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया. निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और सीवर कनेक्टिविटी की कमी पर ट्रिब्यूनल ने रिपोर्ट तलब की.
डॉग बाइट विवाद: आवारा कुत्तों को रिलोकेट करने के आदेश के बाद डॉग लवर्स और रेजिडेंट्स के बीच जमकर विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आईं.
5. क्राइम और पुलिस: डिजिटल अरेस्ट का आतंक
नोएडा पुलिस के लिए साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे.
बड़ी ठगी: साल के दौरान एक परिवार से निवेश के नाम पर 12 करोड़ और एक व्यक्ति से डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.70 करोड़ की ठगी के मामले सामने आए.
पुलिस की कार्रवाई: 2023 से 2025 के बीच 1574 साइबर अपराधी पकड़े गए और करीब 118 करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में फ्रीज कराए गए.
दूसरी बड़ी घटनाएं: एक निजी यूनिवर्सिटी में प्रताड़ना के चलते सुसाइड और ग्रेटर नोएडा में दहेज के लिए निक्की भाटी को जिंदा जलाने जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए.
6. इकोनॉमी और इवेंट्स: ग्लोबल हब बनता ग्रेटर नोएडा
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के बावजूद ग्रेटर नोएडा एक ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन बनकर उभरा.
इंडिया एक्सपो मार्ट: यहां Bharat Tex 2025 और UP International Trade Show जैसे बड़े आयोजनों ने दुनिया भर के खरीदारों को आकर्षित किया.
चुनाव का असर: दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान नोएडा प्रशासन द्वारा दिल्ली के वोटरों को पेड लीव देने का आदेश भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा.
2025 नोएडा के लिए एक ऐसा साल रहा जहां वह दिल्ली का सैटेलाइट शहर होने की छवि से बाहर निकलकर अपनी एक अलग राष्ट्रीय पहचान बनाने की ओर बढ़ा. अब सबकी नजरें 2026 पर हैं, जब जेवर की उड़ान इस जिले की किस्मत बदलने की उम्मीद जगाएगी.
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