रमजान के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमा की नमाज को लेकर संभल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. यहां की जामा मस्जिद में नमाज के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं. फिलहाल पुलिस का फोकस सड़क पर नमाज रोकने और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के चलते होने वाले संभावित विरोध प्रदर्शनों को टालने पर है. वहीं, दूसरी तरफ पीस कमिटी की बैठक में संभल सीओ कुलदीप कुमार के नमाजियों से बात करने के लहजे पर सियासत तेज हो गई है.
ADVERTISEMENT
दोपहर 1:38 पर होगी नमाज, सुरक्षा घेरे में मस्जिद
संभल की जामा मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज दोपहर 1:38 बजे अदा की जाएगी. सुरक्षा के मदीनजर से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की है. 3 कंपनी पीएसी, 200 रिक्रूट कांस्टेबल और कई थानों की पुलिस फोर्स चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी. मस्जिद के आसपास और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्ती बढ़ाई गई है.
ईरान-इजरायल युद्ध पर विरोध की है आशंका
सुरक्षा का एक अन्य प्रमुख कारण ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को लेकर संभावित विरोध प्रदर्शन है. खुफिया इनपुट और पीस कमेटी की बैठकों के बाद पुलिस को आशंका है कि नमाज के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन हो सकता है. इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय धर्मगुरुओं और गणमान्य नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगाई गई है पाबंदी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी. सीओ कुलदीप कुमार ने पीस कमेटी की बैठक में पहले ही चेतावनी दे दी है कि नमाज केवल मस्जिद परिसर के भीतर ही पढ़ी जाए. ट्रैफिक और सार्वजनिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह फैसला लिया गया है.
सीओ ने क्या कहा था जिससे मचा बवाल?
पीस कमेटी की बैठक में संभल सीओ कुलदीप कुमार ने साफ कहा था कि जिन लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है, वह लोग जहाज में बैठकर ईरान जाएं और वहीं पर ईरान की तरफ से लड़ाई लड़ें. लेकिन दो देशों के बीच हो रहे झगड़े का असर हमारे देश की कानून व्यवस्था पर नहीं पड़ना चाहिए. सीओ ने आगे कहा, अगर ऐसा हुआ तो हम उसका बहुत बढ़िया इलाज करेंगे. इसलिए अलविदा जुमा की नमाज में देश के विरोध में नारे, काली पट्टी बांधकर विरोध नहीं होना चाहिए. सीओ ने कहा कि समझ लें और समझा दें. क्योंकि फिर पुलिस इलाज करती है. ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये प्यार और सौहार्द का त्योहार है.
सीओ के इस बयान सियासत हुई तेज
सीओ कुलदीप कुमार के इस बयान पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की तरफ से तल्ख़ प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "ईरान के नाम पर जिनको खुजली मची है उनका इलाज करने की बात करने वाले संभल के CO से कोई पूछे कि जो इजराइल को फादरलैंड बता रहे हैं, नेतन्याहू और ट्रम्प के नाम पर सोशल मीडिया पर अपने ही हमवतन भाईयों को गालियॉं दे रहे हैं उनका इलाज कौन करेगा?? संभल पुलिस कप्तान की अगुवाई में सड़क पर होली खेलने वाली पुलिस के अधिकारी की ये भाषा कि किसी एक ने भी सड़क पर नमाज़ पढ़ी तो सीधे जेल भेज देंगे, क्या लोकतांत्रिक देश में वर्दी पहने व्यक्ति कि ये भाषा मान्य होनी चाहिये. संभल पुलिस के अधिकारियों ने पीस कमेटी की मीटिंग में जो भाषा इस्तेमाल की वो कम से कम अमन और भाईचारे वाली तो बिल्कुल भी नहीं थी. @Uppolice से अनुरोध है कि अपने इस अधिकारी को संविधान की प्रस्तावना तो सही से याद करवा दें ताकि वो ये समझ सकें कि भारत में सभी नागरिकों के जो मौलिक अधिकार हैं उसे पुलिसिया डंडे से छीनने की इजाज़त संविधान नहीं देता है."
ADVERTISEMENT









