अब यूपी के हर गांव तक पहुंचेगी बस! कैबिनेट मीटिंग में इस योजना को मिली मंजूरी

UP News: योगी कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026' को दी मंजूरी. यूपी की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक पहुंचेंगी बसें. टैक्स फ्री होंगी बसें और किराया भी होगा सस्ता.

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026

यूपी तक

• 05:17 PM • 10 Mar 2026

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UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ग्रामीण आबादी के लिए एक क्रांतिकारी फैसला लिया गया है. सरकार ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को मंजूरी दे दी है, जिससे अब प्रदेश के हर गांव तक सरकारी परिवहन सेवा की पहुंच सुनिश्चित होगी. मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 31 प्रस्तावों में से 30 को स्वीकृति दी गई. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य उन गांवों को जोड़ना है जहां अभी तक बसें नहीं पहुंच रही थीं.

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सभी 59,163 ग्राम सभाएं सड़क मार्ग से जुड़ेंगी

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के 12,200 गांवों तक बसों की पहुंच नहीं थी. नई पॉलिसी के तहत अब उत्तर प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा.

ये हैं योजना की मुख्य विशेषताएं

  • छोटी बसें: 5,000 गांव ऐसे हैं जहां बड़ी बसें मुड़ नहीं सकतीं, इसलिए यहां 7 मीटर लंबी और अधिकतम 28 सीटों वाली छोटी बसें चलाई जाएंगी.
  • निजी संचालन: इन बसों को चलाने की अनुमति निजी लोगों को दी जाएगी.
  • टैक्स और परमिट से छूट: इन बसों को परमिट और टैक्स से मुक्त रखा गया है ताकि बस संचालकों को लाभ हो और किराया सस्ता रहे.
  • समय सारणी: बसें सुबह 10 बजे तक ग्रामीणों को ब्लॉक, तहसील और जनपद मुख्यालय पहुंचाएंगी. शाम को दूरी के हिसाब से रात 8 बजे तक ये बसें वापस गांव लौट आएंगी.
  • गांव में ही ठहराव: ये बसें रात में गांव में ही रुकेंगी.इनके ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर भी आसपास के गांवों के ही होंगे.

क्किया है किराया और रूट?

जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें CDO, SP, ARTO और ARM सदस्य होंगे. यही कमेटी स्थानीय स्तर पर किराया तय करेगी. बस संचालकों को अधिकार होगा कि वे ब्लॉक की प्रत्येक ग्राम पंचायत को दिन में कम से कम दो बार सेवा प्रदान करें.

किसे होगा लाभ?

इस सेवा का सीधा लाभ विद्यार्थियों, कचहरी जाने वालों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और अपना उत्पाद शहर में बेचने जाने वाले किसानों को मिलेगा. योजना के तहत आवेदन की स्क्रीनिंग 15 दिन में पूरी होगी. सफल चयन के बाद वाहन उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा और पूरी प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर संपन्न कर ली जाएगी. बसों की औसत आयु 15 वर्ष होगी, लेकिन शुरुआती तौर पर इन्हें 10 साल के परिचालन की अनुमति मिलेगी.

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