हिज्बुल्लाह अली और समीर खान के निशाने पर थे ये 3 हिंदूवादी नेता, यूपी ATS ने पकड़ा तो सामने आया इनका पाकिस्तानी कनेक्शन

UP ATS Terror Probe: उत्तर प्रदेश में एक बड़े आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए यूपी एटीएस ने नोएडा से गिरफ्तार दो संदिग्धों से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने रखी है.

Uttar Pradesh News

संतोष शर्मा

• 03:27 PM • 01 May 2026

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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में एक बड़े आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए यूपी एटीएस ने नोएडा से गिरफ्तार दो संदिग्धों से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने रखी है. तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और समीर खान नाम के इन आरोपियों पर आरोप है कि वे पाकिस्तान स्थित गैंगस्टरों और खुफिया एजेंसी के संपर्क में रहकर प्रदेश में टारगेट किलिंग और आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे. जांच के मुताबिक दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद बट के निर्देश पर काम कर रहे थे. इनके निशाने पर कई हिंदूवादी नेता थे, जिनमें दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धी राणा और गौरव राजपूत शामिल बताए जा रहे हैं. आरोपियों ने इन नेताओं की हत्या के लिए गला रेतने जैसी साजिश रची थी.

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आईएसआई अधिकारियों से सीधा संपर्क था

एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों से सीधे संपर्क में थे. वे ‘पुश टू टॉक’ और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए बातचीत करते थे. उन्होंने कई संवेदनशील स्थानों और संगठनों के दफ्तरों की तस्वीरें और लोकेशन पाकिस्तान भेजी थीं. जांच एजेंसियों के अनुसार, इनका मकसद सिर्फ टारगेट किलिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रभावशाली लोगों के घरों पर हैंड ग्रेनेड से हमले कर दहशत फैलाना भी शामिल था.

धर्म परिवर्तन कर अपनाया था नया नाम

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि तुषार चौहान ने शहजाद भट्टी से प्रभावित होकर इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम बदलकर हिज्बुल्लाह अली खान रख लिया. उसने सोशल मीडिया पर कई फर्जी अकाउंट बनाकर अपने नेटवर्क को विस्तार देने की कोशिश की और अन्य युवाओं को भी इसमें जोड़ना शुरू कर दिया.

6 दिन की रिमांड पर गहन पूछताछ जारी

गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 6 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है. एटीएस अब इनसे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इनके पूरे नेटवर्क, पाकिस्तान से मिल रहे समर्थन और हथियारों की सप्लाई के रास्तों का पता लगाया जा सके. एटीएस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इस साजिश का खुलासा होने से एक बड़ी घटना टल गई और कई लोगों की जान बचाई जा सकी.