घर में रखे थे पिता मानवेंद्र की बॉडी के टुकड़े फिर भी नाबालिग बेटी 4 दिन करती रही ये सब, लखनऊ कांड में सनसनीखेज अपडेट

Lucknow Crime News: लखनऊ में बेटे अक्षत ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह को मार डाला. शव के टुकड़े करके, उसे नीले ड्रम में भर दिए. इसके बाद पिता के लापता होने का ड्रामा रचा. अब मृतक मानवेंद्र सिंह की क्लास-11 की बेटी को लेकर ये पता चला है.

UP News

समर्थ श्रीवास्तव

24 Feb 2026 (अपडेटेड: 24 Feb 2026, 02:45 PM)

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UP News:  लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना में रहने वाले वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या ने पूरे लखनऊ को हिला कर रख दिया है. दरअसल मानवेंद्र सिंह की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके अपने ही बेटे अक्षत ने कर दी. 21 साल के बेटे अक्षत ने पहले अपने पिता को गोली मारी फिर शव के टुकड़े करके, उसे नीले ड्रम में भर दिए. इसके बाद पिता के गायब होने का ड्रामा रचा और पुलिस में पिता की गुमशुदगी भी दर्ज करवाई. मानवेंद्र सिंह की हत्या 20 फरवरी की सुबह ही कर दी गई थी. मगर इस मामले का खुलासा 23 फरवरी के दिन हुआ और पुलिस ने घर में रखे नीले ड्रम में से मानवेंद्र सिंह के शव के टुकड़े बरामद किए.

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बेटी ने पिता की हत्या देखी मगर चुप रही

इस पूरे हत्याकांड में सबसे हैरानी की बात ये भी है कि मानवेंद्र सिंह की नाबालिग बेटी, जो क्लास-11 की छात्रा है, उसके सामने ही अक्षत ने अपने पिता को मार डाला था. मगर पिता की हत्या के बाद भी बेटी चुप रही. बेटी जानती थी कि बड़े भैया ने पिता को मारकर, उनके शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में रखा है. मगर उसने किसी को कुछ नहीं बताया.

दरअसल मानवेंद्र सिंह के घर के पास उदयवीर सिंह का घर है. उनकी पोती भी क्लास-11 की छात्रा है और वह मानवेंद्र सिंह की बेटी की दोस्त हैं. अपने पिता की हत्या होने के बाद बेटी लगातार पढ़ाई करने और खाना खाने अपनी दोस्त यानी उदयवीर सिंह की पोती के पास उनके घर में आती रही. उदयवीर सिंह का कहना है कि बेटी घर में आती थी. पढ़ाई करती थी. वह पूरी तरह से नॉर्मल थी. खाना खाने के बाद वह वापस अपने घर चली जाती. जिस दिन इस पूरे मामले का खुलासा हुआ और उदयवीर सिंह को घटना की जानकारी मिली, वह हैरान रह गए. 

बताया जा रहा है कि मृतक की नाबालिग बेटी इस हत्याकांड से बुरी तरह से डर गई थी. उसने अपनी आंखों से अपने पिता की हत्या देखी थी. वह अपने भाई के आक्रामक व्यवहार से दहशत में थी. उसे भी हत्या की धमकी मिली थी. ऐसे में वह किसी को भी ये बात बताने की हिम्मत नहीं कर पाई और चुप रही.

पिता के गायब होने के बाद अक्षत ने बनाया था वहाट्सएप ग्रुप

मृतक मानवेंद्र सिंह के पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह ने घटना को लेकर बताया, जब से मानवेंद्र सिंह लापता हुए, तब से सब परेशान थे. अक्षत ने पिता के लापता होने को लेकर वहाट्सएप ग्रुप भी बनाया था. इसमें सारे मोहल्ले वाले जुड़े हुए थे. इस ग्रुप में अक्षत मामले की सारी अपडेट और जानकारी पोस्ट करता था. मोहल्ले वाले उसे खुद पुलिस के पास लेकर गए थे और मामले की जानकारी पुलिस को दी थी. 

आपको बता दें कि जब पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि आखिरी बार मानवेंद्र सिंह सीसीटीवी में अपने घर पर ही जाते दिखाई दिए. मगर वह घर से बाहर निकलते हुए नहीं दिखे. उनकी मोबाइल लोकेशन जिस क्षेत्र में मिली, वहां भी उनकी कोई सूचना नहीं मिली. ऐसे में पुलिस को बेटे पर शक हुआ. जब उससे पूछताछ की तो वह बयान बदलता चला गया. इसके बाद पुलिस को उसपर शक गहरा गया. फिर जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो सारा केस खुलकर सामने आ गया.