UP News: पीलीभीत मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में इल्हाम उर्र रहमान शम्सी नाम का युवक चपरासी के पद पर तैनात था. साल 2014 में नियम के खिलाफ और उस समय के DIOS (जिला विद्यालय निरीक्षक अधिकारी) की मदद से वह पीलीभीत मुख्यालय में तैनात हो गया. इसके बाद उसने बाबूगिरी शुरू कर दी. इल्हाम दिमाग का तेज था. मगर चेहरे से वह काफी सीधा सादा था. 24 घंटे मेहनत करता और अधिकारियों की जी हुजूरी भी करता. ऐसे में वह जल्द ही अधिकारियों का करीबी और राइट हैंड बन गया. जो भी अधिकारी आया, वह उसका सगा बनता गया. यहां तक की विभाग में ही उसका ऑफिस DIOS ने अपने ऑफिस के सामने खुलवा दिया. मगर उस समय तक किसी को अंदाजा नहीं था कि सीधा साधा दिखने वाला ये इल्हाम सिस्टम को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है और करोड़ों रुपये बना रहा है. अब इसका जो कांड खुला है, उसने सभी को हिला कर रख दिया है.
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इसका कांड हिला देगा
फरवरी को बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को सूचना दी. उन्होंने डीएम को बताया कि DIOS ऑफिस में काफी भारी पैसों का लेन-देन हो रहा है, जो संदिग्ध है. बताया गया कि इल्हाम नाम के कर्मचारी की पत्नी के खाते में काफी रकम भेजी जा रही है. मामले की जानकारी मिलते ही डीएम ने DIOS को तलब किया तो हड़कंप मच गया. मामले की जांच के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक अधिकारी ने इल्हाम और उसकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया.
जांच में सामने आया कि इल्हाम ने पत्नी अर्शी खातून को शिक्षक दिखा रखा था और फर्जी तरीके से उसके बैंक खाते में वेतन भी भिजवा रहा था. जांच में सामने आया कि उसकी 3 पत्नियां थी और उसने जिले से बाहर कई बड़े कारोबारों में निवेश कर रखा था. उस कमाई का हिस्सा पुराने अधिकारियों तक भी पहुंचाया जा रहा था.
पत्नी को भेजा जेल मगर...
पुलिस ने बैंक दस्तावेज की जांच के बाद इल्हाम की पत्नी को हिरासत में लेकर, उसे जेल भेज दिया. लेकिन इल्हाम किसी तरह से बचता गया. मगर फिर पीलीभीत कोतवाली भी इस जांच में शामिल हो गई. फिर इल्हाम को लेकर और सनसनीखेज खुलासा हुआ. सामने आया कि उसने 53 बैंक खातों में लेन-देन किए हैं और ये कुल रकम 5 करोड़ रुपये हैं. इसके बाद ये घोटाला करोड़ों के घोटालों में बदल गया.
जांच में सामने आया कि आरोपी इल्हाम शम्सी ने फर्जी तरीके से वेतन के नाम पर 12 नवंबर 2024 के बाद से 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम से 1,01,95,135 की धनराशि अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर की है. इसके बाद पुलिस की विवेचना में करीब 5 करोड़ से अधिक के गबन की पुष्टि हुई है.
इस घोटाले के सामने आने के बाद जिला मुख्यालय में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है. इस घोटाले की जद में कई अधिकारी फंसे बताए जा रहे हैं. यहां तक की जिले का कोषागार विभाग भी इसकी चपेट में हैं. आपको बता दें कि आरोपी ने भी सरेंडर कर दिया है.
DIOS ने क्या बताया?
इस मामले को लेकर राजीव कुमार (जिला विद्यालय निरीक्षक अधिकारी) ने बताया, इल्हाम शम्सी नाम का एक कर्मचारी था. वह 2014 से यहां काम कर रहा था. उसने घोटाला किया गया है. FIR हुई है. जांच चल रही है. जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी.
एसपी ने दी ये जानकारी
इस मामले को लेकर सुकीर्ति माधव (पुलिस अधीक्षक) ने बताया, DIOS ने केस दर्ज करवाया है. इल्हाम शम्सी उसी विभाग का कर्मचारी है. उसके खिलाफ पहले 1 करोड़ के गबन का आरोप था. मगर 50 खाते सामने आए हैं, जिनमें 5 करोड़ के आस-पास रुपये हैं. पुलिस द्वारा खातों को फ्रीज करा दिया गया है. जांच जारी है.
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