यूपी में बदले गए 13 जिलों के पुलिस अधीक्षक, इस लिस्ट में कितने GEN, OBC और SC-ST?

यूपी तक के शो 'आज का यूपी' में देखें 27 IPS अधिकारियों के तबादले का पूरा विश्लेषण. जानें कैसे योगी सरकार ने OBC और दलित कार्ड खेलकर विपक्ष को दिया जवाब और योगी की मां पर टिप्पणी करने वाले मौलाना का क्या हुआ हाल.

कुमार अभिषेक

01 Apr 2026 (अपडेटेड: 01 Apr 2026, 10:54 AM)

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यूपी तक का खास शो आज का यूपी जिसमें हम राज्य की तीन बड़ी और अहम खबरों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं. आज के अंक में हम चर्चा करेंगे योगी सरकार द्वारा किए गए 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की जिसमें चुनावी समीकरणों को साधने की झलक साफ दिख रही है. साथ ही बताएंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम का क्या हाल है और कैसे यूपी एसटीएफ ने उसे बिहार से दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचाया और अंत में विश्लेषण करेंगे कि कैसे इन प्रशासनिक फेरबदल के जरिए अखिलेश यादव के ठाकुरवाद के आरोपों को सरकार ने सिरे से खारिज करने की कोशिश की है.

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यूपी में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 27 IPS इधर से उधर, 13 जिलों के बदले कप्तान

उत्तर प्रदेश में चुनावी साल की आहट के साथ ही योगी सरकार ने प्रशासनिक कील-कांटे दुरुस्त करना शुरू कर दिया है. बीती शाम शासन ने 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए, जिनमें 13 जिलों के पुलिस कप्तान (SP/SSP) बदल दिए गए हैं. जिन प्रमुख जिलों में नए कप्तानों की तैनाती हुई है, उनमें फिरोजाबाद, एटा, शाहजहांपुर, रामपुर, मऊ, बहराइच, अमरोहा, जालौन, महोबा, महाराजगंज और चंदौली शामिल हैं.

इस लिस्ट की सबसे खास बात यह है कि सरकार ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की है. माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए फील्ड पोस्टिंग में बड़ा बदलाव किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को भी साधा जा सके.

ठाकुरवाद के आरोपों पर पलटवार, नई लिस्ट में OBC और दलितों का बोलबाला

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर ठाकुरवाद और प्रशासनिक पदों पर एक खास बिरादरी के वर्चस्व का आरोप लगाते रहे हैं. आज का यूपी के विश्लेषण के मुताबिक, नई लिस्ट इन आरोपों का करारा जवाब देती दिख रही है.

आंकड़ों का गणित:

  • कुल 13 जिला कप्तानों में से 4 ओबीसी (OBC) और 3 एससी/एसटी (SC/ST) वर्ग से हैं.
  • सवर्ण वर्ग से 4 अधिकारी हैं, जिनमें से 2 ब्राह्मण और मात्र 1 ठाकुर बिरादरी से हैं.
  • इस लिस्ट में 50% से अधिक भागीदारी पिछड़ों और दलितों की है.

साफ है कि बीजेपी अब अखिलेश यादव के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे की काट तैयार कर रही है. यादव और पटेल जैसे समुदायों को कप्तानी देकर सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रशासन में सबकी बराबर भागीदारी है.

सीएम योगी की मां पर टिप्पणी करने वाला मौलाना गिरफ्तार, अब मांग रहा माफी

आज की तीसरी बड़ी खबर बिहार के पूर्णिया-अररिया बॉर्डर से है, जहां यूपी एसटीएफ ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम को गिरफ्तार किया है. इस मौलाना ने एक जलसे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गाय को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद यूपी के करीब 85 थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे.

माफीनामे के साथ बदला सुर

गिरफ्तारी के बाद मौलाना का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह हाथ जोड़कर माफी मांग रहा है. मौलाना ने कहा, "मुझसे बहुत बड़ी गलती हुई, मेरी जुबान से ऐसी गंदी बातें नहीं निकलनी चाहिए थीं. मैं सीएम योगी और पूरे देश से माफी मांगता हूं." उसने अन्य धर्मगुरुओं को भी सलाह दी कि वे अपनी तकरीरों में ऐसी भाषा का प्रयोग न करें जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों. फिलहाल पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है.

यहां देखें पूरा वीडियो: