कौन हैं इस्तीफा देने वाले यूपी के IAS रिंकू सिंह राही जिन्होंने एक बार कान पकड़कर लगाई थी उठक-बैठक?

IAS Rinku Singh Rahi Resign: यूपी कैडर के IAS रिंकू सिंह राही ने दिया इस्तीफा. काम न मिलने और समानांतर सिस्टम के लगाए आरोप. जानें एसडीएम रहते हुए खुद 'उठक-बैठक' लगाने वाले अधिकारी की पूरी कहानी.

IAS Rinku Singh Rahi Resign

संतोष शर्मा

31 Mar 2026 (अपडेटेड: 31 Mar 2026, 06:21 PM)

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IAS Rinku Singh Rahi Resign: उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपनी सेवाओं से त्यागपत्र दे दिया है. राजस्व परिषद में लंबे समय से प्रतीक्षारत चल रहे राही ने अपने इस्तीफे में जो कारण बताए हैं, उन्होंने शासन के भीतर की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है.

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रिंकू सिंह राही ने अपने इस्तीफे में बेहद तल्ख टिप्पणी की है. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा है कि राज्य में एक ऐसी अघोषित और समानांतर व्यवस्था काम कर रही है, जो संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी को उसकी वास्तविक भूमिका निभाने से रोकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सरकार से वेतन तो मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का कोई वास्तविक अवसर नहीं दिया जा रहा था. उन्होंने इसे एक नैतिक निर्णय बताते हुए पद छोड़ने का फैसला किया.

कौन हैं IAS रिंकू सिंह राही?

रिंकू सिंह राही पहली बार तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने शाहजहांपुर की पुवायां तहसील में एसडीएम (SDM) के रूप में कार्यभार संभाला था. जॉइनिंग के अगले ही दिन उन्होंने तहसील परिसर में गंदगी और खुले में पेशाब करते लोगों को देखकर सख्त रुख अपनाया था. उन्होंने मौके पर ही दोषी व्यक्ति को उठक-बैठक लगाने की सजा दी थी, जिसके बाद वकीलों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था.

 

जब खुद कान पकड़कर लगाई थी उठक-बैठक

पुवायां की घटना के बाद जब विवाद बढ़ा, तो रिंकू सिंह राही का एक अलग ही रूप देखने को मिला. वकीलों के विरोध और सफाई व्यवस्था की कमी को स्वीकार करते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से खुद कान पकड़कर पांच उठक-बैठक लगाई थीं. उन्होंने तब कहा था कि अनुशासन सिखाने के लिए उन्होंने लोगों को सजा दी थी, लेकिन व्यवस्था की कमी की जिम्मेदारी लेते हुए वे खुद भी दंड के भागी हैं. उनके इस अनोखे अंदाज ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं.

रिंकू सिंह रही ने खाई थीं 7 गोलियां

रिंकू सिंह काफी दबंग माने जाते हैं. साल 2009 में वह यूपी के मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण विभाग में अधिकारी थे. इस दौरान उन्होंने 83 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश कर दिया था. इस सच्चाई के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था और वह कई लोगों के निशाने पर आ गए थे.

बता दें कि इसके बाद रिंकू सिंह के ऊपर हमला कर दिया गया था. इस दौरान उन्हें 7 गोलियां मारी गईं थी. मगर उनकी जान बच गई थी. उस दौरान रिंकू सिंह ने कहा था कि अगर ईमानदारी से काम करेंगे तो भगवान भी साथ होगा.