Akhilesh Yadav support for Aryan Yadav: फतेहपुर के एक यूट्यूबर और चाय विक्रेता आर्यन यादव इन दिनों सुर्खियों में हैं. आर्यन यादव ने आरोप लगाया था कि कुछ दंबंगों ने उनकी दुकान में घुसकर तोड़फोड़ की है. बता दें कि हमले से पहले, आर्यन की दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग की टीम भी पहुंची थी. ऐसे मे अब इन तमाम मुश्किलों से घिरे आर्यन को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का साथ मिल गया है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर राज्य सरकार और फूड सिक्योरिटी विभाग को आड़े हाथों लिया है. दुकानदार आर्यन यादव पर हुई छापेमारी और उसके बाद उसके साथ हुई मारपीट के मामलों ने तूल पकड़ लिया है.
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क्या है पूरा मामला?
ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 2 महीने पहले अखिलेश यादव फतेहपुर के चौकी चौराहे पर आर्यन यादव की चाय की दुकान पर रुके और चाय पी. वहीं इस बीच फूड सिक्योरिटी विभाग की टीम ने दुकान का निरीक्षण किया और चाय पत्ती का सैंपल लिया. आर्यन ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एल्युमीनियम के बर्तन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और दुकान सील करने की धमकी दी. इस मामले पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा 'अखिलेश यादव को चाय पिलाने के अपराध में फूड सिक्योरिटी विभाग ने आर्यन को धमकाया है.' उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह स्वरोजगार करने वालों को प्रताड़ित कर रही है.
वहीं, फूड सिक्योरिटी विभाग के अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन किया है. विभाग का कहना है कि यह कार्यवाही आईजीआरएस पर मिली एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें चाय पत्ती में मिलावट का दावा किया गया था. विभाग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई दुकान सील नहीं की है बल्कि केवल मानक के अनुसार नमूना लिया है.
छापेमारी के अलावा, आर्यन ने यह भी आरोप लगाया है कि शुक्रवार को कुछ दबंगों ने उसकी दुकान में घुसकर उसके पिता और बहन के साथ मारपीट की और गुल्लक से 7,000 रुपये लूट लिए . पुलिस ने इस मामले में जरजीस अहमद, कयूम, यासीन अहमद और जावेद अहमद समेत 17 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है.
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