UP News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध कार्यक्रम चर्चाओं में बना हुआ है. अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की इस यात्रा को प्रशासन ने भी हरी झंडी दे दी है. मगर इसके साथ लखनऊ प्रशासन ने 26 शर्तें भी रख दी हैं. इन शर्तों का का पालन आयोजनकर्ताओं को करना होगा.
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जानिए क्या शर्तें रखी गईं?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध कार्यक्रम को लेकर जो शर्तें रखी गई हैं, वह कुछ इस तरह की हैं.
1- कार्यक्रम के दौरान किसी भी वक्ता द्वारा धर्म, जाति. संप्रदाय एवं भाषा के खिलाफ कोई भी भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा.
2- कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक व्यक्तियों, धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ विद्वेष फैलाने वाली भाषा, अमर्यादित, असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया जाएगा.
3- कार्यक्रम में शामिल नाबालिग बच्चों से किसी प्रकार के विवादित नारे आदि नहीं लगवाए जाएंगे.
4- कार्यक्रम के दौरान अनुमन्य संख्या में ही दो पहिया और चार पहिया गाड़ियों को प्रवेश दिया जाए, जिससे
आयोजन के दौरान सार्वजनिक मार्ग, यातायात, जन सुविधा और सामान्य जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.
5- कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक ध्वज दंड के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के घातक वस्तु का उपयोग नहीं किया जाएगा.
6- कार्यक्रम में प्रस्तावित मांगो का ज्ञापन, सभा स्थल पर उपलब्ध सक्षम अधिकारी के माध्यम से सौंपे जाएंगे.
7- कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय या असहज स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजक गण की होगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
8- कार्यक्रम के दौरान भीड़ को लेकर लगाए गए पुलिस बल का भुगतान आयोजक गण द्वारा किया जाएगा.
9- शांत क्षेत्र में किसी प्रकार के संगीत ढोल-लाउडस्पीकर प्रणाली का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा.
10- यातायात और अग्निशमन विभाग से संबंधित जितने भी निर्देश, मानकों और प्रतिबंधों हैं, उनका पालन किया जाएगा.
11- प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में अगर किसी स्थान को लेकर किसी संस्था या विभाग से परमिशन लेनी होगी तो ये आयोजक अपने स्तर से खुद लेंगे. इसी के साथ सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद ही उस स्थान पर कार्यक्रम करेंगे.
12- सड़क एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वाहनों की पार्किंग नहीं की जाएगी. किसी भी दशा में सड़क एवं यातायात बाधित नहीं करेंगे.
13- ध्वनि के संबंध में आस-पास की वायु गुणवत्ता के मानक ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 यथा संशोधित के नियम 3(1) और 4(1) के अनुरूप लागू होंगे, जिसका अनुपालन करना होगा.
14- उपरोक्त अनुज्ञा की शतों एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 यथा संशोधित के प्रावधानों का उल्लंघन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-15 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है.
15- इस अनुमति के आधार पर आवेदक विधि द्वारा स्थापित किसी अन्य नियम, उपनियम, शासनादेश, सर्कुलर के अधीन किसी अन्य अनुमति, अनापत्ति, लाईसेंस से मुक्त नहीं होगा.
16- धारा 172 बीएनएसएस के प्रावधानों के दृष्टिगत शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा.
17- सार्वजनिक स्थान, जहां लाउड स्पीकर या संबोधन प्रणाली या ध्वनि का कोई अन्य स्रोतों जैसे डीजे आदि उपयोग में लाया जा रहा है, में ध्वनि का स्तर, क्षेत्र के लिये निर्धारित स्तर से 10 डेसीबल अधिक या अधिकतम 75 डेसीबल जो भी कम हो. से अधिक नहीं होगा.
18- कार्यक्रम के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की आतिशबाजी व अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग नहीं करेगा. हर्ष फायरिंग भी नहीं की जाएगी. अगर कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी आयोजक की होगी.
19- किसी भी दशा में पंडाल 3 मीटर से कम ऊंचाई में न लगाया जाए. पंडाल बनाते समय सेन्थेटिक सामग्री का बना कपड़ा या रस्सी प्रयोग में लाए.
20- कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त मात्रा में प्राइवेट सुरक्षा कर्मी लगाना तय करें. किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न करें. यातायात व्यवस्था बाधित न करें.
21- किसी भी प्रकार की विरोधात्मक उत्तेजनात्मक सांप्रदायिक, जाति विशेष पर टीका-टिप्पणी नहीं करेंगे.
22- उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण पर प्रतिबन्ध रहेगा. आयोजन के दौरान रात्रि 10 बजे से प्रात 6 बजे तक ध्वनि प्रसारण यन्त्रों का प्रयोग नहीं करेंगे.
23- आयोजक द्वारा कार्यक्रम स्थान के किराए आदि के सम्बन्ध में नगर निगम व अन्य विभागों को स्वयं के स्तर से भुगतान करना होगा.
24- कोविड-19 से संबंधित गाइड लाइन का अक्षरशः पालन किया जाएगा.
25- किसी भी प्रकार के जुलूस शोभा यात्रा की अनुमति नहीं है.
26- उपरोक्त शर्तों का पूर्ण रूपेण पालन किया जाए. किसी भी शर्त का उल्लंघन होने एवं किसी विशेष परिस्थिति में अनुमति स्वतः ही निरस्त मानी जाएगी.
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