UP New Project: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को बेहद कड़े निर्देश दिए हैं. अगर आप बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर या पीलीभीत के रहने वाले हैं तो आने वाले दिनों में आपके इलाके की सूरत बदलने वाली है क्योंकि सरकार ने विकास परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए एक बेहद सख्त टाइमलाइन तय कर दी है.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि बरेली मंडल की सभी स्वीकृत परियोजनाओं को हर हाल में 15 जुलाई 2026 तक फाइनल क्लीयरेंस और बजट आवंटित कर दिया जाए.
2,200 विकास प्रस्तावों पर लगी मुहर
यूपी सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बरेली मंडल के विधायकों और सांसदों द्वारा सौंपे गए लगभग 2,200 विकास प्रस्तावों की गहन समीक्षा की.
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि जैसे ही बजट जारी होता है, बिना किसी देरी के सड़कों, पुलों और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी जाए, ताकि 15 अगस्त से जमीन पर काम दिखने लगे. मुख्यमंत्री का यह रुख साफ करता है कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.
बरेली को मिलीं 60 आधुनिक सफाई गाड़ियां
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बरेली नगर निगम द्वारा खरीदी गईं 60 आधुनिक स्वच्छता गाड़ियों को सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह कदम बरेली शहर को ज्यादा साफ-सुथरा और हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.
इस नए बेड़े में ये आधुनिक मशीनें शामिल हैं
- 6 रोबोटिक मैनहोल सीवर क्लीनिंग मशीन: ये मशीनें बिना किसी इंसान के सीवर में उतरे, अंदर जाकर 360-डिग्री तक पूरी सफाई करने में सक्षम हैं. इससे सफाई कर्मचारियों को खतरनाक सीवर में नहीं उतरना पड़ेगा.
- 50 सीएनजी ऑटो टिपर: घर-घर से कचरा उठाने के लिए इन गाड़ियों का इस्तेमाल होगा.
- 2 स्किड लोडर और 2 बैकहो लोडर: इनका इस्तेमाल नालों की गाद निकालने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा.
कैसे होगा कचरे का निपटारा?
बरेली के नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि ये नए सीएनजी ऑटो टिपर घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों गीला, सूखा, विशेष देखभाल और सैनिटरी वेस्ट के रूप में अलग-अलग इकट्ठा करेंगे. इससे शहर के वेस्ट मैनेजमेंट में बड़ा सुधार आएगा.
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