IAS Rinku Singh Transfer: अपनी खास कार्यशैली और बेबाक अंदाज के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले आईएएस रिंकू सिंह राही (IAS Rinku Singh) का तबादला कर दिया गया है. जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए रिंकू सिंह राही को जालौन तहसील से हटाकर उरई भेज दिया है.
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अब वे उरई में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी (न्यायिक) की जिम्मेदारी संभालेंगे. वहीं, उनकी जगह पर अब राकेश कुमार सोनी को जालौन का नया एसडीएम बनाया गया है.
ट्रांसफर आदेश भले ही प्रशासनिक और जनहित के कार्यों का हवाला देकर जारी किया गया हो, लेकिन जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसे पिछले दिनों हुए एक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है.
माना जा रहा है कि स्थानीय भाजपा ब्लॉक प्रमुख और एसडीएम के बीच हुई तीखी झड़प के बाद उपजे भारी आक्रोश को शांत करने के लिए प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है. एक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अफसर के बीच मर्यादा की सीमाएं लांघने वाले इस विवाद का अंजाम आखिरकार तबादले के रूप में सामने आया है.
क्या था पूरा विवाद?
मामला 23 जून का है, जब एसडीएम रिंकू सिंह राही क्षेत्र के 'बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज' का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इसी दौरान वहां जालौन के ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन भी मौजूद थे. किसी बात को लेकर दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई. विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं और जमकर धक्का-मुक्की होने लगी.
ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने आरोप लगाया था कि एसडीएम रिंकू सिंह ने अपना आपा खो दिया और उन पर हाथ उठाने की कोशिश की. ब्लॉक प्रमुख के मुताबिक, एसडीएम का थप्पड़ उनके गाल पर न लगकर उनके हाथ पर लगा. इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसने मामले को और ज्यादा हवा दे दी.
ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने बाकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासनिक अफसरशाही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर सीसीटीवी फुटेज भी साक्ष्य के तौर पर दी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम राजेश कुमार पांडेय ने तत्काल 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया था.
दूसरी तरफ, रिंकू सिंह राही ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए फोन पर कहा था कि जांच को प्रभावित करने के मकसद से इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं.
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
माना जा रहा है कि फिलहाल, जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले ही प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए बड़ा फेरबदल कर दिया है.
जिलाधिकारी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, ट्रांसफर का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद से जिले के प्रशासनिक अमले में हलचल तेज है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गठित की गई जांच कमेटी इस पूरे विवाद पर क्या रिपोर्ट सौंपती है.
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