UP Outsourced Employees Salary Hike: योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. इस फैसले का सीधा लाभ निगम में कार्यरत 310 आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा. इनमें 249 कंप्यूटर ऑपरेटर, 35 लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और 26 प्रोग्रामर शामिल हैं. बढ़ोतरी के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय करीब 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये और प्रोग्रामर का करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये हो जाएगा. वहीं लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों का मानदेय वरिष्ठता के अनुसार करीब 20 हजार से 26 हजार रुपये तक पहुंच जाएगा.
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जुलाई से लागू हुई 5 फीसदी बढ़ोतरी
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में निर्धारित व्यवस्था के तहत बढ़ोतरी की गई है. जुलाई से कर्मचारियों को 5 प्रतिशत बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा. उन्होंने बताया कि परिवहन निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में हर साल 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है. यह वृद्धि दो चरणों में की जाती है. जनवरी में 5 प्रतिशत और जुलाई में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है. इसी व्यवस्था के तहत इस बार जुलाई से मानदेय में 5 प्रतिशत का इजाफा किया गया है.
249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को मिलेगा लाभ
मानदेय बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा लाभ परिवहन निगम में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को मिलेगा. इस श्रेणी में कुल 249 कर्मचारी काम कर रहे हैं. अभी इनका मानदेय करीब 20,655 रुपये है, जो 5 प्रतिशत वृद्धि के बाद बढ़कर लगभग 21,420 रुपये हो जाएगा. परिवहन निगम के विभिन्न कार्यालयों और संचालन से जुड़े डिजिटल कार्यों में कंप्यूटर ऑपरेटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है. परिवहन व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ने के साथ इन कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं. ऐसे में हर महीने मिलने वाले मानदेय में यह बढ़ोतरी उनके लिए सीधा आर्थिक लाभ लेकर आएगी.
लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों की भी बढ़ी रकम
सरकार के फैसले में परिवहन निगम के लेखाकार कम टैली ऑपरेटर भी शामिल हैं. इस श्रेणी में कुल 35 आउटसोर्स कार्मिक कार्यरत हैं. इन कर्मचारियों के मानदेय में वरिष्ठता के क्रम के अनुसार बढ़ोतरी की गई है. बढ़ी हुई दर के बाद इनका मानदेय करीब 20 हजार रुपये से लेकर 26 हजार रुपये तक हो जाएगा. परिवहन निगम के वित्तीय और लेखा संबंधी कामकाज को व्यवस्थित रखने में इन कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है. ऐसे में मानदेय बढ़ने से इस श्रेणी के सभी 35 कार्मिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा.
प्रोग्रामरों का मानदेय 43,313 रुपये तक पहुंचा
परिवहन निगम में तकनीकी काम संभालने वाले प्रोग्रामरों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा. निगम में प्रोग्रामर के पद पर कुल 26 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं. इनका मौजूदा मानदेय करीब 42,000 रुपये बताया गया है. 5 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद यह रकम बढ़कर करीब 43,313 रुपये तक पहुंच जाएगी. परिवहन निगम के डिजिटल सिस्टम, सॉफ्टवेयर और अन्य तकनीकी कार्यों के संचालन में प्रोग्रामरों की भूमिका महत्वपूर्ण है. परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण के साथ तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं.
हर साल 10 फीसदी बढ़ेगा मानदेय
परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में सालाना 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान पहले से निर्धारित है. यह पूरी बढ़ोतरी एक साथ नहीं बल्कि दो चरणों में लागू होती है. जनवरी में 5 प्रतिशत और जुलाई में 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है. इसका मतलब है कि कर्मचारियों को साल के दोनों हिस्सों में मानदेय बढ़ने का लाभ मिलता है. जुलाई में लागू की गई मौजूदा 5 प्रतिशत वृद्धि भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है. इससे कर्मचारियों को नियमित अंतराल पर आर्थिक लाभ मिलता रहेगा.
परिवहन निगम में तकनीकी कर्मचारियों की बढ़ी भूमिका
परिवहन निगम की सेवाओं को तकनीकी और व्यवस्थित बनाने में कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर जैसे आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है. कंप्यूटर ऑपरेटर डिजिटल और कार्यालयीन कार्यों को संभालते हैं, जबकि लेखाकार कम टैली ऑपरेटर वित्तीय एवं लेखा संबंधी कामकाज में योगदान देते हैं. दूसरी ओर प्रोग्रामर डिजिटल सिस्टम और तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़े काम देखते हैं. परिवहन सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इन कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं.
दयाशंकर सिंह बोले- कार्मिकों की भूमिका अहम
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि तकनीकी और कार्यालयीन कार्यों के जरिए ये कर्मचारी परिवहन निगम की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को संचालित करने में योगदान देते हैं. सरकार की ओर से मानदेय में नियमित वृद्धि को कर्मचारियों को आर्थिक प्रोत्साहन देने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है. इससे उनके काम के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता बढ़ने की उम्मीद है.
कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद
जुलाई से 5 प्रतिशत मानदेय बढ़ने के बाद 310 आउटसोर्स कार्मिकों को हर महीने पहले की तुलना में अधिक रकम मिलेगी. सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों को आर्थिक स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है. खास तौर पर कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामर जैसे तकनीकी पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के मानदेय में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों को भी उनकी वरिष्ठता के आधार पर बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा. सरकार का कहना है कि नियमित आर्थिक प्रोत्साहन से कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां और बेहतर तरीके से निभा सकेंगे.
सरकार ने बताया कर्मचारियों के हित में फैसला
योगी सरकार ने मानदेय बढ़ोतरी को आउटसोर्स कार्मिकों के हित में उठाया गया कदम बताया है. सरकार के अनुसार यह कोई एकमुश्त राहत नहीं बल्कि पहले से निर्धारित वार्षिक वृद्धि व्यवस्था का हिस्सा है. जनवरी और जुलाई में 5-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के जरिए सालभर में कुल 10 प्रतिशत तक मानदेय बढ़ाने का प्रावधान है. इससे कर्मचारियों को पूरे साल नियमित अंतराल पर आर्थिक लाभ मिलता रहता है. जुलाई की वृद्धि लागू होने के बाद अब संबंधित कर्मचारियों को बढ़ी हुई दर के अनुसार मानदेय मिलेगा.
310 कर्मचारियों को सीधे फायदा
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के 310 आउटसोर्स कर्मचारियों को जुलाई से लागू 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का सीधा लाभ मिलेगा. इनमें 249 कंप्यूटर ऑपरेटर, 35 लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और 26 प्रोग्रामर शामिल हैं. कंप्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय करीब 20,655 से बढ़कर 21,420 रुपये और प्रोग्रामरों का करीब 42,000 से बढ़कर 43,313 रुपये होगा. लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों का मानदेय वरिष्ठता के आधार पर करीब 20 हजार से 26 हजार रुपये तक होगा. सरकार का मानना है कि मानदेय में नियमित वृद्धि से कर्मचारियों को आर्थिक राहत के साथ बेहतर काम करने का प्रोत्साहन भी मिलेगा.
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