UP PCS Promotion: उत्तर प्रदेश के 29 पीसीएस अधिकारियों की किस्मत का ताला खुल गया है. यूपी में इन पीसीएस अफसरों को मंगलवार देर रात प्रमोशन के बाद आईएएस बना दिया गया है.
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केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. वर्ष 2025 की चयन सूची के तहत इन अधिकारियों को उत्तर प्रदेश कैडर अलॉट करते हुए तुरंत नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं.
फील्ड से लेकर आयोग तक के अफसरों को मिला तोहफा
प्रमोशन होने वाले अधिकारियों की इस लिस्ट में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो लंबे समय से राज्य के अलग-अलग जिलों और मंडलों में जरूरी भूमिकाएं निभा रहे हैं. इनमें मिर्जापुर के अपर आयुक्त डॉ. विश्राम, मुजफ्फरनगर के एडीएम (प्रशासन) संजय कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव और अयोध्या के एडीएम (सिटी) योगा नंद पांडे जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पाण्डेय और उपसचिव पूनम निगम को भी आईएएस कैडर में प्रमोट किया गया है.
बड़े फेरबदल की उम्मीद
प्रमोशन के बाद अब इन अधिकारियों को राज्य सरकार की ओर से जल्द ही नई आईएएस कैडर वाली पोस्टिंग सौंपी जाएगी. सचिवालय से लेकर फील्ड तक में इस बदलाव के बाद बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की उम्मीद जताई जा रही है. शासन के विशेष सचिव विजय कुमार की ओर से जारी पत्र में सभी प्रमोट हुए अधिकारियों को भारत सरकार की अधिसूचना की शर्तों के तहत तत्काल नया कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है।
अब सैलरी कितनी मिलेगी?
प्रमोट होकर नए आईएएस (IAS) बने इन अधिकारियों की सैलरी संरचना काफी दिलचस्प होती है. ये सभी सीधे एंट्री-लेवल आईएएस नहीं हैं, बल्कि प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं जिनके पास पहले से ही 12 से 20+ वर्षों का लंबा अनुभव है, इसलिए इनकी सैलरी सामान्य नए आईएएस अफसरों से काफी अधिक होती है. 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के नियमों के अनुसार, प्रमोशन के बाद इनकी सैलरी का गणित कुछ इस तरह बैठ सकता है.
1. किस पे-लेवल में आएंगे ये अफसर?
आमतौर पर इतने लंबे अनुभव के बाद प्रमोट होने वाले पीसीएस अधिकारी आईएएस कैडर में लेवल 11, लेवल 12 या सीधे लेवल 13 में फिट किए जाते हैं. इस स्तर पर इनका बेसिक पे लगभग 67,700 रुपये से लेकर 1,18,500 रुपये प्रति माह के बीच शुरू होता है. (कुछ बेहद सीनियर अधिकारियों का बेसिक पे इससे भी अधिक हो सकता है).
2. भत्ते जो सैलरी को बड़ा बनाते हैं
- महंगाई भत्ता: सरकार द्वारा तय मौजूदा दरों के अनुसार बेसिक पे पर महंगाई भत्ता मिलता है.
- मकान किराया भत्ता: शहरों के हिसाब से यह बेसिक पे का 8% से 24% तक होता है. हालांकि, अगर अधिकारी को सरकारी बंगला या आवास मिला हुआ है, तो यह भत्ता नहीं मिलता.
- यात्रा भत्ता: आधिकारिक वाहनों और यात्राओं के लिए अलग से ट्रांसपोर्ट अलाउंस दिया जाता है.
कुल मिलाकर इन-हैंड सैलरी कितनी होगी?
सभी भत्तों को मिलाकर इन वरिष्ठ अधिकारियों की ग्रॉस मंथली सैलरी 1,20,000 रुपये से लेकर 1,80,000+ रुपये प्रति माह के बीच बैठती है. इसमें से टैक्स और एनपीएस (NPS) की कटौती के बाद इन-हैंड सैलरी भी काफी शानदार होती है.
प्रशासनिक सेवाओं में सैलरी के अलावा मिलने वाली सुविधाएं जैसे आधिकारिक गाड़ी, ड्राइवर, सरकारी बंगला, घरेलू सहायक, मुफ्त मेडिकल सुविधाएं और समाज में मिलने वाला रूतबा, इसे देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरियों में से एक बनाता है.
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