Fake Degree Lawyers FIR News: प्रयागराज में कथित तौर पर फर्जी डिग्री के आधार पर वकालत करने वाले 100 वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज होने का मामला सामने आया है. बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव आरके शुक्ला की ओर से 8 अगस्त से अब तक प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में 100 अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए हैं. यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद अधिवक्ताओं की शैक्षणिक डिग्रियों के सत्यापन के दौरान सामने आए मामलों को लेकर की गई है. दर्ज मुकदमों के क्राइम नंबर 291 से लेकर 404 तक बताए जा रहे हैं.
ADVERTISEMENT
हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ सत्यापन
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में रजिस्टर्ड अधिवक्ताओं की डिग्रियों का सत्यापन कराया जा रहा है. इसी प्रक्रिया में जिन वकीलों की शैक्षणिक डिग्रियां कथित तौर पर फर्जी पाई गईं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई. बार काउंसिल के सचिव आरके शुक्ला की तरफ से प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में इन मामलों को लेकर FIR दर्ज कराई गई हैं. इस कार्रवाई के तहत अब तक 100 वकीलों के खिलाफ 100 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं.
20 जिलों के वकील FIR की जद में
जानकारी के मुताबिक, FIR की जद में उत्तर प्रदेश के कई जिलों के वकील शामिल हैं. इनमें सहारनपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, मथुरा, प्रतापगढ़, गोरखपुर, कानपुर, नोएडा, हरदोई, झांसी, फतेहपुर, हाथरस, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बलिया, भदोही, मिर्जापुर, कौशांबी, मुजफ्फरनगर और आगरा के वकील शामिल बताए जा रहे हैं. इनमें 1 पीपी के तौर पर काम करने वाले अधिवक्ताओं के नाम भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है.
इलाहाबाद के 45 वकीलों पर केस
इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा FIR इलाहाबाद के कथित फर्जी डिग्रीधारी वकीलों के खिलाफ दर्ज कराई गई हैं. जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद के 45 वकीलों पर FIR दर्ज हुई है. यानी कुल 100 मामलों में करीब आधे मामले अकेले इलाहाबाद से जुड़े हैं. बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ताओं की डिग्रियों के सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है, इसलिए आने वाले समय में ऐसे और मामले सामने आने की संभावना जताई जा रही है.
सत्यापन के बाद आगे भी हो सकता है एक्शन
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर वकालत करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है. फिलहाल 8 अगस्त से अब तक 100 FIR दर्ज हो चुकी हैं. सिविल लाइंस थाने में दर्ज मुकदमों के क्राइम नंबर 291 से 404 के बीच बताए जा रहे हैं. डिग्रियों का सत्यापन पूरा होने के बाद यदि और अधिवक्ताओं की शैक्षणिक योग्यता में गड़बड़ी सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
ADVERTISEMENT











