Dudhwa National Park: उत्तर प्रदेश के मशहूर दुधवा नेशनल पार्क में इस साल के पर्यटन सीजन का मंगलवार (30 जून) को औपचारिक रूप से समापन हो गया. अब सैलानी अगले साढ़े चार महीने तक दुधवा के घने जंगलों में सफारी का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे. पार्क के दरवाजे अब सीधे 15 नवंबर को नए सीजन की शुरुआत के साथ ही दोबारा खोले जाएंगे.
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दुधवा प्रशासन ने इस आखिरी दिन को पर्यटकों के लिए यादगार बनाने के लिए एक खास तैयारी की थी. मंगलवार को पार्क का साप्ताहिक अवकाश होता है, इसके बावजूद अधिकारियों ने विशेष तौर पर इसे खुला रखा था ताकि जो लोग आखिरी दिन आए हैं, वे मायूस न लौटें, लेकिन कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था. लगातार हो रही तेज बारिश के कारण प्रशासन सफारी का संचालन नहीं कर सका और आखिरकार मायूसी के साथ पार्क को बंद करना पड़ा.
इस बार 15 दिन ज्यादा मिला दुधवा का साथ
आमतौर पर दुधवा नेशनल पार्क में हर साल पर्यटन गतिविधियां 15 नवंबर से शुरू होकर अगले साल 15 जून तक चलती हैं. मानसून की दस्तक और वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए इसे जून के मध्य में बंद कर दिया जाता है, लेकिन इस साल सैलानियों के जबरदस्त उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया था और सीजन को 15 जून से बढ़ाकर 30 जून तक के लिए विस्तारित कर दिया था. हालांकि, आखिरी दिन बारिश ने रंग में थोड़ा भंग जरूर डाला, लेकिन पूरा सीजन बेहद शानदार रहा.
'गब्बर' और 'हंटर' की दहाड़ ने जीता दिल
इस साल दुधवा का जंगल घूमने आए पर्यटकों के लिए अनुभवों का खजाना साबित हुआ. पूरे सीजन में बाघों, सुस्त भालू, एक सींग वाले गैंडे, हिरण और जंगली हाथियों के झुंड ने पर्यटकों को जमकर रोमांचित किया.
सबसे ज्यादा चर्चा दुधवा के उन खास बाघों की रही, जिन्हें यहां के गाइड और स्टाफ प्यार से 'हंटर', 'गब्बर' और 'बेलदंडा' कहते हैं. इन बाघों ने इस बार पर्यटकों को खुलकर दर्शन दिए.
घने जंगलों के बीच से निकलकर जब ये अपनी पूरी शान के साथ जिप्सियों के सामने आए, तो पर्यटकों की सांसें थम गईं. इन खूबसूरत नजारों ने न सिर्फ सैलानियों के पैसे वसूल कराए, बल्कि पर्यटन की दुनिया में दुधवा की ब्रांड इमेज को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया.
शहरी भागदौड़ से दूर दुधवा के दूर-दूर तक फैले घास के मैदान, सदियों पुराने ऊंचे पेड़ और यहां का बेहद शांत माहौल लोगों को मानसिक सुकून और वो शांति दे गया, जिसकी तलाश में लोग यहां आते हैं.
पर्यटकों की संख्या और कमाई दोनों में बंपर उछाल
इस साल दुधवा नेशनल पार्क ने लोकप्रियता और कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने इस कामयाबी के आंकड़े साझा किए हैं.
इस बार नवंबर से जून तक चले पूरे सीजन में भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़कर 75,615 तक पहुंच गई, जो पिछले सीजन में सिर्फ 57,409 थी. सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशी सैलानियों में भी दुधवा का क्रेज बढ़ा है. इस बार 796 विदेशी पर्यटक यहां आए, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 644 था.
डिप्टी डायरेक्टर ने आगे बताया कि सैलानियों की इस भारी आमद का सीधा असर पार्क के राजस्व पर भी दिखा. इस सीजन में पर्यटन गतिविधियों से कुल 2.96 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड कमाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा महज 1.86 करोड़ रुपये था. यानी राजस्व के मामले में पार्क ने एक करोड़ से ज्यादा की छलांग लगाई है.
फिलहाल, दुधवा के वन्यजीव अब इंसानी दखल से दूर अगले कुछ महीनों के लिए सुकून की सांस लेंगे और मानसूनी बारिश में यह जंगल एक बार फिर पूरी तरह हरा-भरा होकर नवंबर में नए सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार होगा.
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