उत्तराखंड से बाबा केदारनाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे एक नवविवाहित जोड़े की खुशियां उस वक्त गहरी चिंता में तब्दील हो गई जब चलती ट्रेन से एक महिला रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई. देहरादून से गाजियाबाद की ओर जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस में हुई इस सनसनीखेज घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यह मामला तब और ज्यादा पेचीदा हो गया जब लापता महिला के मोबाइल की आखिरी लोकेशन रेलवे ट्रैक के किनारे मिली और उसके बाद से ही फोन लगातार बंद है.
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अब जानिए पूरा मामला
मूल रूप से कानपुर के निवासी मनीष अग्रहरि और प्रज्ञा सिंह ने हाल ही में लव मैरिज की थी. दोनों अपनी नई जिंदगी की शुरुआत के साथ बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद लेने उत्तराखंड पहुंचे थे. ग्रेटर नोएडा में कार्यरत यह जोड़ा अपनी यात्रा पूरी कर वापस लौट रहा था कि तभी यह अनहोनी हो गई.
पति मनीष ने क्या बताया?
मनीष के अनुसार थकान के कारण ट्रेन में उनकी आंख लग गई थी और जब मुजफ्फरनगर स्टेशन से पहले उनकी नींद खुली तो बगल की सीट खाली देख उनके होश उड़ गए. उन्होंने पूरी ट्रेन में अपनी पत्नी की तलाश की लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला. सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रज्ञा के पास न तो नकदी है और न ही कोई दूसरा साधन जिससे वह किसी से संपर्क कर सके.
कई जरूरी CCTV कैमरे मिले बंद, मामला हुआ और पेचीदा
घटना की गंभीरता को देखते हुए लक्सर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर लिया है. लेकिन जांच की राह में तकनीकी खामियां रोड़ा बन रही हैं. पुलिस जब सीसीटीवी फुटेज खंगालने पहुंची तो पता चला कि क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण कैमरे खराब पड़े हैं जिससे प्रज्ञा के साथ हुई घटना के साक्ष्य जुटाना मुश्किल हो रहा है. हालांकि पुलिस अब उन कैमरों का डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या प्रज्ञा ट्रेन से नीचे उतरी थी या किसी हादसे का शिकार हुई. प्रज्ञा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन लक्सर में रेलवे लाइन के पास मिलना किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा कर रहा है जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मनीष ने की है अब ये अपील
बेबस पति मनीष अग्रहरि ने अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से अपनी पत्नी को सुरक्षित ढूंढ निकालने की भावुक गुहार लगाई है. दिल्ली से वापस लक्सर कोतवाली पहुंचे मनीष ने नम आंखों से कहा कि उनकी दुनिया पूरी तरह उजड़ चुकी है और वह हर पल अपनी पत्नी की सलामती की दुआ कर रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने परिवार को आश्वासन दिया है कि जांच जारी है और वे जल्द ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंचेंगे लेकिन खराब कैमरों और मोबाइल के बंद होने से यह गुत्थी लगातार उलझती जा रही है.
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