UP News: इटावा के महावीर नगर में शिवपाल सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे. 3 महीने पहले ही उन्होंने स्मार्ट मीटर लगवाया था. वह चाय बेचते थे और उसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे. मगर अब महावीर इस दुनिया में नहीं रहे और उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है. परिवार का कहना है कि एक बिजली के बिल की वजह से उनके घर की खुशियां खत्म हो गई हैं और महावीर की मौत हो गई.
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क्या हुआ महावीर के साथ?
परिवार का कहना है कि 3 महीने पहले ही स्मार्ट मीटर लगवाया था. अब अचानक से बिजली का बिल 1 लाख 60 हजार रुपये आया. ये देखते ही महावीर तनाव में आ गए. इसके बाद उन्होंने बिजली विभाग के कार्यालय में चक्कर काटना शुरू कर दिया. मगर उनकी मदद किसी ने भी नहीं की. उनसे रिश्वत भी मांगी गई. परेशान होकर उनको हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई.
बता दें कि 55 साल के महावीर चाय बेचकर ही अपने परिवार का पालन पोषण करते थे. परिवार का कहना है कि उनके घर में ना ही एसी है और ना ही कूलर, ऐसे में इतना बिल कैसे आ गया, जिसे देखकर महावीर को हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई.
परिवार ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर रखा शव
बता दें कि पीड़ित परिवार ने इटावा के दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के विद्युत वितरण उप खंड कार्यालय के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया. मामले की जानकारी मिलते ही बिजली अधिकारियों में हड़कंप मच गया. इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और जन प्रतिनिधियों के आने के बाद किसी तरह से परिजन शांत हुए. परिवार ने न्याय की मांग की है. उनका कहना है कि मामले में जिसकी भी गलती हो, उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाए.
अधिकारी ये बोले
इस मामले को लेकर बिजली विभाग के एसडीओ दिलीप साहू ने बताया, तकनीकी कमी रही है. इसकी वजह से ही बिल आया है. जांच की जा रही है.
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