UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुरादाबाद रैली के बाद संगठन में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. आरएलडी अब अपनी परंपरागत 'पश्चिमी उत्तर प्रदेश' की छवि से बाहर निकलकर पूरे प्रदेश में विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है.
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बूथ स्तर पर तैयारियां शुरू
जयंत चौधरी ने अपनी पार्टी के कोर कमेटी सदस्यों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को जमीन पर उतरने के निर्देश दिए हैं. उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी हकीकत और बूथ स्तर तक की पूरी जानकारी जुटाकर एक मजबूत ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है.
इसके साथ ही, चुनावों के मद्देनजर आरएलडी ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी को नए सिरे से गठित करने का फैसला लिया है. पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है और साफ निर्देश हैं कि इस बार संगठन में सिर्फ समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ताओं को ही बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी.
इस बार कितनी सीटों पर दावा?
पार्टी के अंदरखाने में इस बात को लेकर पुरजोर चर्चा है कि आरएलडी को इस बार 30 से 40 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करनी चाहिए. हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि गठबंधन के तहत भाजपा के सामने 25 से 30 सीटों का प्रस्ताव रखा जा सकता है.
अगर पिछले इतिहास को देखें, तो साल 2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी का समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन था. तब पार्टी ने 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 9 सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार भाजपा के साथ गठबंधन में पार्टी उन सीटों पर भी हाथ आजमाना चाहती है, जहां पिछली बार वे बहुत कम अंतर से चुनाव हार गए थे.
पश्चिमी यूपी से बाहर निकलने की कोशिश
आरएलडी अब अपनी 'गांव और किसान' वाली पारंपरिक छवि के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. इसकी जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा को सौंपी गई है. इतना ही नहीं, जयंत चौधरी ने मुरादाबाद में रैली करके एक बड़ा सियासी संदेश दिया है, जिसे आमतौर पर समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है.
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस बार पूर्वांचल में भी एक या दो सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना रही है. आरएलडी को लगता है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रहे मुन्ना सिंह चौहान के निधन के बाद पूर्वांचल में पार्टी के लिए जो राजनीतिक खालीपन आया था, उसे दोबारा भरने का यह सही समय है.
पार्टी प्रवक्ता का क्या कहना है?
सीटों की संख्या और नए क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के सवाल पर आरएलडी के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता अनुपम मिश्रा ने कहा, "अभी हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में चुनाव से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई है. जयंत जी ने पदाधिकारियों को जमीन पर सक्रिय रहने को कहा है. सीटों का अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष जी और भाजपा के शीर्ष नेता आपस में बैठकर तय करेंगे. हर दल अपने संगठन का विस्तार चाहता है और कार्यकर्ताओं की भी यही इच्छा है. मुरादाबाद हमेशा से चौधरी चरण सिंह जी के समय से हमारा राजनीतिक आधार रहा है. हम राष्ट्रीय लोकदल को फिर से उसी ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं. जहां तक गठबंधन का सवाल है, हमारा उद्देश्य एक स्थिर सरकार देना है और सीट को लेकर हमारे बीच कोई विवाद नहीं होगा."
विपक्ष ने घेरा, भाजपा का पलटवार
आरएलडी की इन तैयारियों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी तंज कस रही हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा के सामने आने के बाद आरएलडी अब इस स्थिति में नहीं बची है कि वह खुद अपनी मर्जी से सीटों की मांग कर सके.
इस पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दूसरों को ज्ञान देने से बेहतर है कि समाजवादी पार्टी खुद को देखे, जो इस समय पूरी तरह कांग्रेस के सामने नतमस्तक हो चुकी है.
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