ईरान पर हमले के बाद बाराबंकी में बढ़ी बेचैनी! कुम शहर में फंसे हैं जिले के ये लोग

ईरान पर इजरायली हमले के बाद बाराबंकी के परिवारों में हड़कंप. कुम शहर में फंसे हैं जिले के कई छात्र और इस्लामिक स्कॉलर्स. परिजनों ने सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील की.

UP Barabanki News

सैयद रेहान मुस्तफा

01 Mar 2026 (अपडेटेड: 01 Mar 2026, 08:57 AM)

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ईरान पर हुए हमलों के बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में चिंता की लहर दौड़ गई है. जिले के कई परिवारों के सदस्य जिनमें छात्र और इस्लामिक स्कॉलर्स शामिल हैं वह इस समय ईरान के कुम शहर में मौजूद हैं. हमले के बाद से कुछ लोगों से संपर्क टूटने की वजह से परिजनों की बेचैनी काफी बढ़ गई है. 

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ईरान में मौजूद बाराबंकी के प्रमुख नागरिक

जानकारी के अनुसार, बाराबंकी के जो लोग इस समय ईरान में मौजूद हैं उनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी
  • मौलाना आबिद हुसैन काजमी
  • मौलाना अली मेहदी रिजवी
  • मौलाना सैयद काशिफ रिज़वी जैदपुरी
  • फातिमा रबाब, मोहम्मद रजा और मोहम्मद काज़िम
  • मौलाना फैज बाकरी साहब जौरास
  • मौलाना अली मेहदी

संपर्क टूटने से बढ़ा बाराबंकी के लोगों का डर

स्थानीय निवासी मौलाना अब्बास मेंहदी सदफ ने बताया कि उनके बड़े भाई मौलाना जफर अब्बास फैजी कुम शहर में अध्ययनरत हैं. उन्होंने बताया, "हमले के बाद हमारी उनसे बात हुई थी. उन्होंने जानकारी दी कि कुम शहर के बॉर्डर पर हमला हुआ है. हालांकि वहां फिलहाल हालात काबू में हैं और आम जनता सड़कों पर सामान्य रूप से आ-जा रही है."

वहीं, वकील दिलकश रिजवी ने बताया कि हमले की खबर के बाद से पूरा परिवार बेहद परेशान है. कुछ लोगों से शुरुआती बातचीत तो हुई, लेकिन उसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है. 

मस्जिदों में दुआओं का दौर जारी

बाराबंकी के कटरा मोहल्ले सहित विभिन्न इलाकों के परिवारों में डर का माहौल है. परिजन मस्जिदों में जमा होकर अपने प्रियजनों की सलामती के लिए दुआएं मांग रहे हैं. प्रभावित परिवारों ने भारत सरकार से अपील की है कि ईरान में फंसे छात्रों और स्कॉलर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.