उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ से 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' का विधिवत शुभारंभ किया. शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुई इस विशेष ट्रेन के साथ ही श्रद्धालुओं का सोमनाथ धाम दर्शन का बरसों पुराना सपना साकार होने जा रहा है. इस यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला.
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श्रद्धालुओं की आंखों में खुशी के आंसू
यात्रा के शुभारंभ के दौरान मुजफ्फरनगर के सतीश कुमार भावुक हो उठे. उन्होंने बताया कि आर्थिक और अन्य कारणों से वे कई वर्षों से बाबा सोमनाथ के दर्शन की इच्छा मन में दबाए बैठे थे, लेकिन योगी सरकार की इस पहल ने उनका सपना सच कर दिया. मेरठ, बिजनौर और गोरखपुर से आए अन्य श्रद्धालुओं ने भी इस पहल को सनातन संस्कृति को मजबूती देने वाला कदम बताया. बरेली की बिंदु इशिका सिंघानिया ने कहा कि यह यात्रा युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक बेहतरीन माध्यम है.
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए वरदान
आजमगढ़ से आए श्रद्धालु अनंत तिवारी ने सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान है जो आर्थिक अभाव के कारण तीर्थ यात्रा करने में सक्षम नहीं थे. मेरठ के अनंत राना ने खुशी जताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के आम श्रद्धालुओं को इस यात्रा से बड़ा लाभ मिलेगा. सरकार के इस कदम को हर वर्ग की आस्था का सम्मान करने वाली नीति के रूप में देखा जा रहा है.
विकास और विरासत का संगम
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के जरिए योगी सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रदेश में आधुनिक विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी उनकी प्राथमिकता है. इस यात्रा के माध्यम से उत्तर प्रदेश और गुजरात के बीच सांस्कृतिक सेतु और भी मजबूत होगा.
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