नोएडा में चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक बन रही एलिवेटेड रोड का काम अब तेजी पकड़ सकता है. पीएम गति शक्ति योजना के तहत अथॉरिटी को जल्द ही काम के लिए 100 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. फंड मिलने के बाद परियोजना के काम में और तेजी आने की संभावना है.
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नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, चिल्ला एलिवेटेड रोड को दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य है. इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से नोएडा आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. खासकर नोएडा फिल्म सिटी की तरफ जाने वाले रास्ते पर लगने वाले जाम से निजात मिलने की उम्मीद है.
5.96 किलोमीटर लंबी होगी एलिवेटेड रोड
चिल्ला एलिवेटेड रोड की लंबाई करीब 5.96 किलोमीटर होगी. इसे बनाने में करीब 892 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. रोड छह लेन की होगी और इसे 296 पिलर पर बनाया जाएगा. दिल्ली से आने वाले वाहनों को इस रोड से जोड़ने के लिए चार रैंप और एक लूप भी बनाया जाएगा.
इस एलिवेटेड रोड के तैयार होने से सेक्टर-16ए फिल्म सिटी और दलित प्रेरणा स्थल के सामने वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है. फिलहाल इस रास्ते पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है, जिससे नोएडा और दिल्ली के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है.
1200 पाइपिंग का काम पूरा
परियोजना के तहत कुल 1400 पाइपिंग का काम किया जाना है. इनमें से करीब 1200 पाइपिंग का काम पूरा हो चुका है. किसी भी पिलर की नींव तैयार करने में पाइपिंग अहम हिस्सा होती है. ऐसे में अब परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और बाकी काम को भी तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है.
आगे मयूर विहार से भी जुड़ेगी रोड
चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक बन रही इस एलिवेटेड रोड को आगे दिल्ली के मयूर विहार फ्लाईओवर से जोड़ने की योजना है. इससे दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए नोएडा में आवाजाही और आसान हो सकती है.
इसके अलावा महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-94 यमुना पुस्ता तक भी एक एलिवेटेड रोड बनाए जाने की योजना है. इसे आगे यमुना एक्सप्रेसवे तक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के जरिए जोड़ने की बात कही गई है. इसके पूरा होने पर अक्षरधाम की तरफ से आने वाले वाहन बिना जाम में फंसे यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जा सकेंगे.
15 साल पुरानी योजना को अब मिली रफ्तार
चिल्ला एलिवेटेड रोड की योजना करीब 15 साल पुरानी है. जानकारी के मुताबिक, बसपा और सपा सरकारों के दौरान इसका काम आगे नहीं बढ़ सका. 2017 में बीजेपी सरकार आने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हुई, लेकिन बजट को लेकर विवाद के कारण काम करीब साढ़े तीन साल तक अटका रहा.
नवंबर 2021 में काम रुकने के बाद पिछले साल मार्च में इसे दोबारा शुरू किया गया. अब पीएम गति शक्ति के तहत 100 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद और दिसंबर तक परियोजना पूरी करने के लक्ष्य से एक बार फिर इस योजना को रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
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