ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद भारत में किए जा रहे प्रदर्शनों और मातम पर कैसरगंज से भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. बृजभूषण शरण सिंह ने इस मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के विधायक राजेश्वर सिंह से अलग स्टैंड लेते हुए शिया समुदाय की भावनाओं का समर्थन किया है. पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि इस घटना से हिंदुस्तान गम में है और जो लोग मातम मना रहे हैं, उनका दुख जायज है.
ADVERTISEMENT
'भावनाओं को ठेस पहुंची है, इससे इनकार नहीं'
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ईरान में जिनकी हत्या हुई है, उनके सजातीय और उनके धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है. उन्होंने कहा, "उनकी भावना को ठेस पहुंची है और इस कारण से जहां-जहां शिया समुदाय के लोग हैं, वे अपना आक्रोश और दुख प्रकट कर रहे हैं. वे भी यही चाहते हैं कि यह हिंसा बंद होनी चाहिए."
पूर्व सांसद ने मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युद्ध किसी भी स्थिति में किसी के लिए अच्छा नहीं होता. उन्होंने कहा कि उनके होश में यह पहली बार है जब इतने सारे देश एक साथ युद्ध में शामिल दिख रहे हैं. ऐसी हत्याओं और हमलों से न केवल वह स्वयं, बल्कि पूरा भारत और सरकार चिंतित है.
बृजभूषण ने दिया बातचीत के रास्ते पर जोर
बृजभूषण शरण सिंह ने जोर देकर कहा कि जारी हिंसा से पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा, खेल जगत को नुकसान हो रहा है. शेयर मार्केट गिर रहा है. तमाम देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और हम सभी यही चाहते हैं कि यह युद्ध जल्द से जल्द बंद होना चाहिए और समाधान के लिए बातचीत का रास्ता खुलना चाहिए.
ये भी पढ़ें: खामनेई की मौत पर बरेली के ये मुस्लिम अलग ही बात कह गए, क्यों कहने लगे जय श्रीराम?
ADVERTISEMENT









