संभल के पीएम श्री स्कूल में हिंदू लड़कों को टोपी और लड़कियों को पहनाया गया जबरन हिजाब? अंजर अहमद और मोहम्मद गुल किस प्लान में थे

संभल के पीएम श्री स्कूल में हिंदू छात्राओं को जबरन हिजाब पहनाने और सजदा कराने का मामला. डीएम अंकित खंडेलवाल ने 3 को सस्पेंड किया और जांच के आदेश दिए.

Sambhal News

अभिनव माथुर

• 10:51 AM • 11 May 2026

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Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां मुस्लिम शिक्षकों द्वारा एक सरकारी स्कूल को मजहबी पाठशाला में तब्दील करने की कोशिश की गई. पीएम श्री स्कूल में हिंदू छात्राओं को जबरन हिजाब पहनाने और छात्रों पर इस्लामिक टोपी का दबाव बनाने के आरोप में प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर दो शिक्षकों समेत प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है.

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जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा

डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर हुई खंड शिक्षा अधिकारी (ABSA) की जांच में बच्चों ने जो बताया, वह रोंगटे खड़े करने वाला है. आरोपी शिक्षक अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज हिंदू छात्राओं को स्कूल में हिजाब पहनने और सजदा करने के लिए मजबूर करते थे. छात्रों को स्कूल आते समय इस्लामिक टोपी पहनकर आने के लिए प्रोत्साहित और विवश किया जाता था. स्कूल परिसर में दूसरे धर्मों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे बच्चों के मन में जहर घोलने की कोशिश की जा रही थी.

2 टीचर समेत प्रिंसिपल निलंबित

जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अल्का शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य आरोपी शिक्षकों अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. स्कूल में चल रही इन गतिविधियों की जानकारी दबाने और लापरवाही बरतने के आरोप में प्रिंसिपल को भी निलंबित कर दिया गया है.

पुलिस ने दर्ज की FIR, 3 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

प्रशासन ने इस मामले को केवल विभागीय स्तर तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है. खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने नखासा थाने में दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ BNS की धारा 353(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.इसके अलावा, डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जो यह पता लगाएगी कि इस मजहबी एजेंडे के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा है.

यह पहली बार नहीं है जब संभल के स्कूलों में ऐसा कुछ देखने को मिला हो. इससे पहले 6 फरवरी को चंदौसी के एक स्कूल में कुरान की आयतें लिखे होने पर बवाल हुआ था. ताजा घटना ने एक बार फिर 'शिक्षा जिहाद' जैसे गंभीर आरोपों को हवा दे दी है और सरकारी संस्थानों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.