महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के मौके पर संगम नोज के पास मची भगदड़ ने सभी को झकझोर के रख दिया था. मालूम हो कि इस भगदड़ के चलते 30 लोगों की मौत जबकि 60 लोग घायल हुए. इस घटना के बाद सूबे की योगी सरकार पर कई सवाल खड़े हुए थे. अब इस मामले में यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने माना है कि मौनी अमावस्या वाले दिन गलती हुई थी.
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डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा, "महाकुंभ 2025 का ये पांचवा स्नान है...महाशिवरात्रि का स्नान होना बाकी है. मौनी अमावस्या के दिन एक गलती हुई थी, उससे सीख लेते हुए हम इस पर काम कर रहे हैं कि और बेहतर प्रबंधन कैसे हो. हमने एक प्रबंधन तकनीक अपनाई, जिसका नतीजा है कि महाकुंभ में अब तक 46 से 47 करोड़ लोग आ चुके हैं. आज भी 10 बजे तक 1 करोड़ 3 लाख लोगों ने स्नान किया है."
उन्होंने आगे कहा, "प्रयागराज के अलावा हमारा ध्यान चित्रकूट, काशी विश्वनाथ मंदिर, विंध्याचल मंदिर, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर है...हमने लखनऊ में वॉर रूम बनाया है, हमारे 2500 से ज्यादा कैमरे एक्टिव हैं, हम उन सभी से लाइव फीड ले रहे हैं...रेलवे मुख्य स्नान वाले दिन 400 से ज्यादा ट्रेनें चला रहा है और करीब 350 ट्रेनें रोजाना चलाई जा रही हैं..."
भगदड़ में गई थी 30 लोगों की जान
महाहाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों से करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंचे. मगर होनी को कुछ और मंजूर था. मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात 1 से 2 बजे के बीच संगम नोज के पास भगदड़ मची. सरकारी आंकड़े के अनुसार, इसके चलते 30 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 60 अन्य घायल हो गए.
यह घटना संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम स्थल) पर भारी भीड़ इकट्ठा होने के वजह से घटी. पुलिस के अनुसार, घाटों पर लगाए गए बैरिकेड्स टूट गए, जिससे लोग अनजाने में जमीन पर सो रहे श्रद्धालुओं को रौंदने लगे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगदड़ की न्यायालय-निरीक्षित जांच के आदेश दिए हैं और इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 25 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से महाकुंभ को लेकर अफवाहें न फैलाने की अपील की.
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