लेटेस्ट न्यूज़

यूजीसी नियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सपा सांसद राजीव राय का आया रिएक्शन, लिया ये स्टैंड

यूपी तक

UGC New Rules: यूजीसी के नए निमयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है. सुप्रीम कोर्ट ने नियमों पर रोक लगा दी है. अब सपा सांसद राजीव राय का इसको लेकर बड़ा बयान सामने आया है.

ADVERTISEMENT

UGC Supreme Court hearing, CJI Suryakant, stay on UGC new rules, UGC Equity Regulations 2026, Supreme Court decision, casteless society, Ministry of Education, upper caste protest UGC, यूजीसी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई
UGC Supreme Court hearing
social share
google news

UGC New Rules Update: सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी नियमों पर रोक लगा दी है. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर सख्त टिप्पणी भी की है. अब मामले की अगली सुनवाई मार्च के महीने में होगी. 

अब इसी को लेकर  घोसी से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय का बयान सामने आया है. राजीव राय ने कहा, जिस दिन नियम लाया गया, मैं यूएन में था. अब मुझे मामले की जानकारी हुई है. मगर मैं इतना जानता हूं कि इस सरकार की नीति सभी का ध्यान भटकाने वाली और सभी को बेवकूफी बनाने वाली है.  ये सरकार नहीं चाहती कि जनकल्याण पर बात हो. उसकी नीति बने, जिससे सभी का हित हो और जनता का लाभ हो.

उन्होंने आगे कहा, सरकार ने गाइड लाइन में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ पाया है तभी ये किया है. सरकार की नियत और नीति ठीक रहती तो ये नहीं होता.

यह भी पढ़ें...

सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने ये कहा

इस मामले को लेकर सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा, ये रोल बैंक हो गया है. पता नहीं सरकार का सुप्रीम कोर्ट के ऊपर ये कौन सा दबाव है. सपा पीडीए की लड़ाई लड़ रही है. ये उसके लिए बड़ा कदम था. मगर ये सरकार कंफ्यूज है. जब कोई फैसल आया था तो ये फैसला वापस हो गया. 

सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने आगे कहा, सपा अध्यक्ष ने साफ कहा है कि दोषी बचे नहीं और निर्देश फंसे नहीं, हमें इसपर काम करना चाहिए. सपा सांसद ने कहा कि पीडीए के साथ पूरी सपा खड़ी हुई है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित यूजीसी के नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है.कोर्ट ने कहा कि 2012 के दिशानिर्देश लागू और आगे भी प्रभावी रहेंगे. मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन नियमों की भाषा और मंशा पर सवाल उठाए हैं. CJI ने कहा कि 'ये नियम अस्पष्ट हैं और इनका दुरुपयोग संभव है.' अब इस मामले की अगली सुनवाई मार्च के महीने में होगी.