लेटेस्ट न्यूज़

गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 लोगों की समस्याएं, बोले- किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं

गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन, सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किया. लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि हर समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा.

ADVERTISEMENT

CM Yogi Janata Darshan
CM Yogi Janata Darshan (Photo: AI Generated)
social share
Google CTA

गोरखपुर, 2 नवंबर. गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन, सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किया. लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि हर समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा. जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा IGRS (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाए जाने की शिकायत प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री की भृकुटि तन गई. इसे लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि IGRS पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान देकर समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराया जाए.

यह भी पढ़ें- फॉर्म-फीस-एडमिट कार्ड और रिजल्ट… यूपी के 'परीक्षा पोर्टल' पर मिलेगी सारी सुविधाएं

गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया. सीएम ने समस्या सुनते हुए लोगों को भरोसा दिया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे. किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है. प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए. कुछ लोगों द्वारा जबरन जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए. 

जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें. मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी. जनता दर्शन में आई एक दिव्यांग युवती ने परिवार की आर्थिक दिक्कत का उल्लेख कर इंटर पास भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया. इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रार्थना पत्र के संबंध में उचित सहयोग किया जाए.

यह भी पढ़ें- आंदोलन में हिंसा की तो सरकारी नौकरी से धोना पड़ सकता है हाथ, यूपी की नई भर्ती नीति में और क्या-क्या है?