आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई मशीनों के बाद अब प्राचीन किताबों का जखीरा बरामद

आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई मशीनों के बाद अब प्राचीन किताबों का जखीरा बरामद
फोटो कोलाज: यूपी तक

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के नगर विधायक आजम खान (Azam Khan) और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनके विधायक बेटे अब्दुल्लाह आजम खान (Abdullah Azam Khan) के बेहद करीबी दो मित्रों को पुलिस ने जुआ खेलते हुए वायरल वीडियो के मामले में 3 दिन पहले ही गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद इनके निशानदेही पर पुलिस ने सोमवार को जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) में जेसीबी से खुदाई करके रामपुर नगर पालिका की कीमती सफाई मशीनें बरामद कीं.

इसी मामले में पुलिस ने मंगलवार को भी कार्रवाई की है. पुलिस रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर मंगलवार को भी पुलिस ने यूनिवर्सिटी कैंपस में बनी लिफ्ट शाफ्ट में छुपाकर रखी गई बेहद कीमती किताबों की बरामदगी की है.

आरोप है कि राजकीय ओरिएंटल कॉलेज के लाइब्रेरी से यह किताबें चोरी की गई थीं. इस कॉलेज की स्थापना साल 1774 में रामपुर के नवाब ने की थी. इस मामले में 2019 में FIR की गई थी. इनकी बरामदगी के बाद पुलिस अब दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाने के लिए एक बार फिर न्यायालय का रुख कर रही है. लेकिन इन किताबों की बरामदगी बेहद गंभीर है और यह आजम खान की मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं.

इस मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संसार सिंह ने बताया कि अनवार और सालिम को 2 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था. इनसे पूछताछ की गई थी. इसी दौरान कल एक और मुकदमा लिखा गया बाकर खान के द्वारा, जो यहां के सम्मानित व्यक्ति हैं.

अपर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, बाकर खान ने बताया कि नगर पालिका द्वारा सफाई करने के लिए कुछ मशीनें मंगाई गई थीं, जिसे जौहर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने कैंपस में मंगा ली थीं. आजम खान, अब्दुल्लाह आजम खान और रामनगर पालिका तत्कालीन चेयरमैन अजहर अहमद खान की मिलीभगत से सफाई मशीनों को कैंपस में पहुंचाया गया था. जब सरकार बदली तो प्रशासन ने मशीनों का पता करना चाहा तो उन मशीनों को काटकर यूनिवर्सिटी कैंपस में ही दबा दिया गया.

संसार सिंह ने बताया कि कल (सोमवार) आरोपियों की निशानदेही पर यूनिवर्सिटी कैंपस में जमीन में दबी हुई सफाई मशीन को बरामद किया गया. इसी दौरान राजकीय ओरिएंटल कॉलेज मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य रात में आए. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से अगर मदरसा आलिया की जो किताबें चोरी हुई थीं, उसके बारे में पूछताछ की जाए तो वे बता सकते हैं.

अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार प्रधानाचार्य ने बताया कि सितंबर 2016 में 10633 किताबें उनके कॉलेज से चुरा ली गई थीं. इस संबंध में उन्होंने 2019 में चोरी का एक मुकदमा लिखाया था, उसमें 7 अभियुक्त जेल जा चुके थे. 2500 किताबें बरामद हो गयी थीं, बाकी की 7000 किताबें बची हुई हैं, वे कहीं दबी हुई हैं.

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रधानाचार्य की सूचना पर हम लोगों ने आरोपियों से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि हां, किताबें दबी हुई हैं, इन लोगों की निशानदेही पर यूनिवर्सिटी में लिफ्ट के नीचे से ऊपर तक यह किताबें भरी हुई थीं और दीवार बनी हुई थीं. किताबों की गिनती अभी जारी है, बरामदगी भी जारी है.

संसार सिंह के मुताबिक, आरोपियों ने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की शह पर किताबें चुराई गई थीं और इन्हीं की शह पर छुपाया भी गया था. अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जो उस वक्त कर्मचारी थे, वे सब मुलजिम बनेंगे. इनकी पीसीआर अप्लाई कर रहे हैं फिर पीसीआर पर लेकर और चीजें बरामद करेंगे.

मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य जुबैर अहमद ने बताया कि 2016 में ओरिएंटल कॉलेज की बिल्डिंग पर मंत्री (सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान) द्वारा कब्जा कर लिया गया था. फिर उसको अपनी ट्रस्ट के नाम कराया गया. उस मामले में 2019 में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें लगभग 2500 किताबें बरामद हो गई थीं, बाकी किताबे रह गई थीं.

आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई मशीनों के बाद अब प्राचीन किताबों का जखीरा बरामद
जौहर यूनिवर्सिटी में हुई जेसीबी से खुदाई, जमीन में गड़ी मिलीं नगरपालिका की सफाई मशीनें

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