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क्रिसमस डे पर लखनऊ में जहां होने लगा 'हरे राम, हरे कृष्ण' वहां से 100 मीटर दूर चर्च! देखिए ग्राउंड रिपोर्ट

लखनऊ के इस्कॉन मंदिर में क्रिसमस पर कीर्तन मंडली ने भक्ति का माहौल बनाया. जानिए कैसे यह उत्सव विवाद का कारण बना.

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Lucknow News
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Lucknow News: लखनऊ के हजरतगंज इलाके में क्रिसमस के जश्न के बीच इस्कॉन मंदिर की कीर्तन मंडली ने ढोल-नगाड़ों के साथ 'हरे रामा-हरे कृष्णा' के जयकारे लगाए. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. हालांकि, इस्कॉन की कीर्तन मंडली के कार्यक्रम ने सियासी रंग भी ले लिया. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस आयोजन की आलोचना करते हुए इसे लेकर सवाल खड़े किए. दावा किया गया कि लोगों ने 'हरे रामा-हरे कृष्णा' के जयकारे चर्च के बहार लगाए. लेकिन, इस विवाद के बीच यूपी Tak की टीम ने ग्राउंड पर पहुंचकर मामले की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की. खबर में आगे पूरी जानकारी जानिए.

यूपी Tak के रिपोर्टर आशीष श्रीवात्सव ने ग्राउंड पर जाकर बताया कि जिस जगह इस्कॉन मंदिर की कीर्तन मंडली ने ढोल-नगाड़ों के साथ 'हरे रामा-हरे कृष्णा' के जयकारे लगाए, वहां से चर्च तकरीबन 100 मीटर की दूरी पर है. इससे यह तो साफ हो गया है कि जो दावा किया जा रहा है कि चर्च के बाहर जयकारे लगे वो गलत है. 

 

 

मौके पर पहुंचकर यूपी Tak की टीम ने जब एक शोरूम के गार्ड से बात की तो उन्होंने भी बताया कि नारे उनके शोरूम के बाहर लगे थे और यहां से चर्च करीब 100 मीटर की दूरी पर है.  

इस मामले पर सपा नेता ने क्या कहा?

इस मामले पर सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा, "लखनऊ जहा एक हिन्दू गुरुमा पंडिताइन ने “पंडिताइन की मस्जिद” तमीर कराई और मुस्लिम नवाब ने “अलीगंज मंदिर” बनवाई आज का लखनऊ अलग है. मस्जिद पर भगवा फहराने से थोड़ा फ्री हुए तो क्रिसमस का माहौल देख अमृतकाल वाला हिन्दू धर्म पुरातन संस्कृति खतरे मे पड़ गई,  यह लखनऊ भारत नहीं है!"