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UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा के 933 पदों पर जारी किया नोटिफिकेशन, जानें इस परीक्षा को लेकर हुए सभी बड़े बदलाव

UPSC Notification: UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस बार कुल 933 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं जो पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं जिससे मुकाबला और कड़ा होने की उम्मीद है. आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है.

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changes in upsc exam
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UPSC Notification: UPSC यानी संघ लोकसेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है. आयोग ने इस बार 933 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया है. बता दें कि पिछली साल 979 पदों पर भर्तियां की गई थीं और उससे पिछले साल 1,105 पद थे. रिक्त पदों की संख्या कम होने से ये साफ हो रहा है कि अब इन परीक्षाओं को क्लियर कर पाना और अधिक टफ हो सकता है. सिविल सेवा परीक्षा  के आवेदन की आखिरी तारीख 24 फरवरी है. इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है.

आयु सीमा क्या है

सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 21 साल है. वहीं अधिकतम आयु 32 साल है. आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान है. आवेदन करने लिए  उम्मीदवार upsc.gov.in की ऑफिशियल वेबसाइट कर जा सकते हैं.

कैसे करें आवेदन?

सबसे पहले यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं.

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होमपेज पर 'Examination' टैब के तहत एक्टिव लिंक पर क्लिक करें.

ओआरएस (Online Recruitment Application) पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन (OTR) करें.

आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फीस का भुगतान करें.

अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट जरूर ले लें.


पदों की संख्या कम होने से टफ हो जाएगा सेलेक्शन

  • कुल पदों की संख्या घटकर 933 हो जाने से अब प्रत्येक अंक का महत्व बढ़ गया है. सिविल सेवा परीक्षा हमेशा से ही चयनात्मक रही है.लेकिन कम सीटों के कारण वास्तविक सेवा आवंटन में कम रैंकों का ही योगदान होगा.
  • पिछले वर्षों में कट-ऑफ सीमा के करीब रैंक पाने वाले उम्मीदवारों के लिए इससे अनिश्चितता पैदा होती है. जिस रैंक के आधार पर पहले सेवा सुनिश्चित होती थी वह अब आवंटन से बाहर हो सकती है.
  • साथ ही अधिसूचना में सेवा संबंधी प्रतिबंधों को स्पष्ट किया गया है. भारतीय पुलिस सेवा के लिए पहले से चयनित उम्मीदवार इस परीक्षा के माध्यम से दोबारा उसी सेवा के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं.
  • जो लोग पहले से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा या भारतीय विदेश सेवा के सदस्य हैं वे परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं हैं.
  • अगर प्रारंभिक परीक्षा के बाद लेकिन मुख्य परीक्षा से पहले इन सेवाओं में नियुक्ति हो जाती है तो भी उम्मीदवार को मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
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सेवा आवंटन और प्रयासों के लिए सख्त नियम

आईपीएस के लिए नए प्रतिबंध: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के नियमों को इस बार और भी स्पष्ट और सख्त बना दिया गया है. यदि किसी उम्मीदवार का चयन पहले ही आईपीएस के लिए हो चुका है, तो वे सीएसई 2026 के माध्यम से दोबारा आईपीएस के लिए आवेदन नहीं कर सकते.

आईएएस/आईएफएस के लिए प्रतिबंध: यदि आप पहले से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) या भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के सदस्य हैं, तो आप इस परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं हैं. यहां तक ​​कि यदि आईएएस/आईएफएस में आपकी नियुक्ति प्रारंभिक परीक्षा के बाद और मुख्य परीक्षा से पहले होती है तब भी आपको मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

एक बार का अवसर: जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सेवा में शामिल हो चुके हैं उन्हें 2026 या 2027 में अपने शेष प्रयासों का उपयोग करने का एक अंतिम अवसर दिया गया है (अपनी वर्तमान सेवा से इस्तीफा दिए बिना).

डिजिटल सुरक्षा और आवेदन प्रक्रिया

डिजिटल सुरक्षा और अनुप्रयोग प्रक्रिया (डिजिटल अपग्रेड)

एआई और आधार लिंकिंग: परीक्षा केंद्रों पर फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एआई-आधारित चेहरे की पहचान और आधार से जुड़े सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है.

नया पंजीकरण पोर्टल: पुराने ओटीआर (वन-टाइम रजिस्ट्रेशन) के स्थान पर अब एक नया चार-चरण वाला डिजिटल पोर्टल है, जहां आधार सत्यापन के बाद ही फॉर्म भरा जाएगा.