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गाजियाबाद की तीनों बहनों ने 8 पन्ने वाली डायरी में क्या-क्या लिखा? एक-एक लाइन आपको सन्न कर देगी

Ghaziabad 3 sisters case: गाजियाबाद के भारत सिटी सुसाइड केस में पुलिस को मिली 8 पन्नों की डायरी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. जांच में 'कोरियन लव गेम' की थ्योरी खारिज हो गई है. लेकिन 'कोरियन कल्चर' के प्रति बच्चियों का घातक जुनून सामने आया है.

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Diary of Nishika prachi and pakhi
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Ghaziabad 3 sisters case: गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में अब 'कोरियन लव गेम' वाली थ्योरी गलत साबित होती दिख रही है और इसकी जगह 'कोरियन कल्चर' से जुडे़ दूसरे नए एंगल सामने आ रहे हैं. आपको बता दें कि इस केस में पुलिस को 8 पन्नों की एक डायरी मिली है जिसमें बच्चियों ने अपनी मौत का कारण विस्तार से लिखा है.

इस डायरी पर आधारित हमारी खास वीडियो रिपोर्ट को यहां नीचे देखिए

बच्चियों ने कथित तौर पर डायरी में लिखा था कि उन्हें भारतीय पुरुषों से शादी करने के नाम से ही टेंशन और नफरत होती थी. वे केवल कोरियन पुरुषों से प्यार करती थीं और उन्हीं से शादी करना चाहती थीं. बच्चियों ने आगे लिखा है कि कोरियन हमारी जान थी... जितना हम कोरियन एक्टर्स और पॉप ग्रुप को चाहते थे, उतना हम घर वालों को भी नहीं चाहते थे. उन्होंने लिखा कि घर वाले उन्हें इस जुनून से छुड़वाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सबूत के तौर पर जान दे दी ताकि यकीन हो जाए कि कोरियन उनके लिए क्या थे. 

'कोरियन गेम' की थ्योरी खारिज

पिता चेतन कुमार ने दावा किया था कि बच्चियां 50 टास्क वाला कोई कोरियन गेम खेल रही थीं, जिसका आखिरी टास्क मौत था. हालांकि, पुलिस जांच में कोरियन गेम जैसा कुछ भी सामने नहीं आया है. पुलिस का मानना है कि लड़कियां कोरियन कल्चर (सिनेमा, म्यूजिक, पहनावा) से अत्यधिक प्रभावित थीं, न कि किसी गेम से. 

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परिवार की आर्थिक तंगी का सच

जांच में परिवार की खराब आर्थिक स्थिति का भी खुलासा हुआ है. पिता चेतन कुमार शेयर ट्रेडिंग का काम करते थे और उन पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज था. पैसों की इतनी तंगी थी कि पिता ने अपना मोबाइल फोन बेच दिया था और उससे मिले पैसों से घर का ₹800 का बिजली रिचार्ज करवाया था. आर्थिक तंगी के कारण ही बच्चियां स्कूल नहीं जा रही थीं और घर पर रहकर ही मोबाइल में कोरियन सीरियल्स और म्यूजिक देखती थीं.  

पुलिस के अनुसार, यह मामला अत्यधिक 'कोरियन कल्चर ऑब्सेशन' (कोरियन संस्कृति के प्रति जुनून) और घर की खराब परिस्थितियों का मिला-जुला परिणाम है. डायरी में लिखी बातों ने यह साफ कर दिया है कि वे अपनी आभासी दुनिया को हकीकत से ज्यादा प्यार करने लगी थीं

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