लेटेस्ट न्यूज़

गाजियाबाद की तीनों बहनों ने खुद को कोरियन बना लिया था... पिता चेतन ने बच्चियों की हैरान करने वाली कहानी सुनाई

गौरव कुमार पांडेय

Ghaziabad 3 Sisters Suicide Case Update: 12, 14 और 16 साल निशिका, पाखी और प्राची ने कल गाजियाबाद में 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी थी. इस कांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. अब इनके पिता ने ये बात बताई है.

ADVERTISEMENT

Ghaziabad triple suicide, Ghaziabad sisters case, mobile addiction news, online game task suicide, Korean content influence, teen suicide India, Ghaziabad horror story
UP News
social share
google news

Ghaziabad 3 Sisters Suicide Case Update: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में आज भी सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग खामोश हैं. एक अजीब सी सनसनी सोसाइटी में फैली हुई है. आखिर ऐसा हो भी क्या ना? यहां जो हुआ है, उसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. यहां रहने वाले चेतन कुमार के घर कल रात तक सब कुछ नॉर्मल था. ये परिवार सोसाइटी में भी अपने से काम रखता था. मगर अब इस परिवार की चर्चा पूरे देश में हो रही है और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर इस परिवार की 3 मासूम बेटियों को अचानक ऐसा क्या हुआ कि तीनों ने रात 2.15 बजे 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी.

इस बीच UP TAK की टीम ने पीड़ित परिवार से बात करने की कोशिश की. बड़ी मुश्किल से बच्चियों के पिता ने बात की, लेकिन वह इस दौरान अपने फ्लैट के गेट के पीछे ही रहे. इस दौरान उन्होंने बच्चियों को लेकर कई चौंकाने वाली बातें बताईं. 

उस रात क्या हुआ? पिता ने बताया

गाजियाबाद की सोसाइटी में कल रात 3 नाबालिग बच्चियों ने सुसाइड कर लिया था. तीनों बहनें थी. तीनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी थी. तीनों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी. इनका नाम निशिका, पाखी और प्राची था. बता दें कि अब इस केस को लेकर बच्चियों के पिता ने हैरान कर देने वाली बात बताई है. 

यह भी पढ़ें...

बच्चियों के पिता ने बताया, घटना से कुछ समय पहले तीनों से मैंने रात 12 बजे फोन ले लिए थे. मगर कुछ देर बाद तीनों ने फोन वापस मांग लिए तो मैंने दे दिए. फिर रात 1 बजे पत्नी गई और फिर तीनों से मोबाइल ले आई. इस दौरान तीनों ने कंबल भी ओढ़ लिए. तभी इन्होंने अंदर से गेट बंद कर लिया.

पिता के मुताबिक, हमने गेट खोलने की काफी कोशिश की. अंदर से आवाज नहीं आ रही थी. पुलिस आई. गेट तोड़ा गया तो मैंने नीचे देखा कि एक बेटी नीचे पड़ी हुई थी. फिर मैं नीचे गया तो देखा कि तीनों बेटी नीचे पड़ी हुई थीं. पिता का कहना है कि ऊपर से उन्हें सिर्फ एक ही बेटी दिख रही थी, क्योंकि पूरा नहीं दिख रहा था. तीनों की मौत हो चुकी थी.

खुद को कोरियन कहते थे...

पिता ने बताया, बच्चे कहते थे कि वह कोरिया जाएंगे. वह कोरिया में शादी करेंगे. उनके दिमाग में कोरिया-कोरिया ही चलता रहता था. पिता के मुताबिक,  मेरे तीनों बच्चे कोरिया कल्चर से जबरदस्त प्रभावित थे. बीच वाली लड़की उनकी लीडर थी. बीच वाली जो कहती, बाकी दोनों वैसा ही करतीं. पिता का कहना है कि बच्ची की मौत का जिम्मेदार सिर्फ उनका कोरिया प्यार है. 

पिता ने ये भी बताया है कि उनकी बच्चियों ने अपना नाम भी बदल लिया था. उन्होंने अपना नाम कोरियन रख लिया था. पिता का साफ कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि तीनों कोरियन कल्चर से इस कदर प्रभावित हो जाएंगी कि ऐसा कुछ कर देंगी. अगर उन्हें इस बात का अंदाजा होता तो वह तीनों को डॉक्टर को दिखाते.

पिता ने ये भी बताया कि वह तीनों खुद को कोरियन ही मानती थीं. अगर कोई इन्हें भारतीय कहता तो तीनों रोने लगती थीं. पिता का ये भी कहना है कि वह तीनों हर काम साथ में करती थीं. साथ में खाना खाती, साथ में बाथरूम जाती, साथ में रहती थी.

सुसाइड डायरी में ये लिखा

पिता का कहना है कि कमरे में जो भी निशान मिले हैं, वह सब कोरिया और कोरियन गेम्स से जुड़े हैं. वह खुद को कोरियन पर्सनालिटी में ढाल चुकी थीं. 

बच्चियों की मौत के बाद पिता का कहना है कि अब उनकी जिंदगी में कुछ नहीं बचा. वह कहते हैं कि उनकी सबसे बड़ी गलती ये थी कि उन्होंने बच्चियों को मोबाइल दे दिया. अब पिता ने मांग की है कि देश में कोरियन सिनेमा, कोरियन चैनल बंद होने चाहिए. पिता ने ये भी बताया है कि सुसाइड डायरी में बच्चियों ने लिखा है, लो छुड़ा लिया तुमने कोरिया...