यूपी के जिस अग्निवीर अमरनाथ से मिले राहुल गांधी उन्होंने अपनी पूरी कहानी अब बताई
अग्निवीर अमरनाथ जायसवाल की कहानी सेना में सेवा के दौरान घायल होने के बाद भी उचित मुआवजा न मिलने की पीड़ा को सामने लाती है. राहुल गांधी की भागलपुर रैली में मंच से उन्होंने अपनी बात रखी, जो अग्निवीरों के प्रति सरकारी नीतियों पर सवाल उठाती है.
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UP News: देश की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी हर सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. लेकिन अक्सर ऐसे जवान जो सेवा के दौरान घायल होते हैं उन्हें उचित मान्यता और मुआवजा नहीं मिलता. ऐसी ही एक पीड़ा लेकर सामने आया है अग्निवीर अमरनाथ जायसवाल का मामला, जिन्होंने सेना में अपनी सेवाएं दी लेकिन चोट लगने के बाद उन्हें बैटल कैजुअल्टी के सर्टिफिकेट के बावजूद कोई उचित मुआवजा या सहारा नहीं मिला. राहुल गांधी की भागलपुर रैली में उन्होंने भावुक होकर कहा, "सेना के शेरों को नहीं छेड़ना चाहिए क्योंकि वे पलट कर वार करते हैं." बता दें कि अमरनाथ जायसवाल उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के रहने वाले हैं और एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनका घर अवध क्षेत्र में स्थित है. वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे थे.