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गाजियाबाद में 3 बच्चियों के अलावा चेतन की लिव-इन पार्टनर ने भी दी थी छत से कूदकर जान! इस शख्स की हैं अब तीन पत्नियां 

UP News: कोरियन कल्चर और ऑनलाइन गेमिंग के जुनून में तीन बहनों ने की आत्महत्या. पिता ने छीने थे फोन, जांच में सामने आए सुसाइड नोट और 9 पन्नों की डायरी के राज.

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Ghaziabad Triple Suicide Case Update
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UP News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत मामले की जांच में चौंकाऊ खुलासों का दौर जारी है. अब पता चला है कि तीनों बहनें डिप्रेशन में थीं. पुलिस के अनुसार, उनके पिता ने यह देखकर उनसे फोन छीन लिए थे कि उन पर कोरियन संस्कृति का जुनून सवार था. पुलिस ने बताया कि इस वजह से लड़कियां ऑनलाइन गेम नहीं खेल पा रही थीं और अपने कोरियन दोस्तों से बात नहीं कर पा रही थीं. बाद में उनके पिता ने फोन बेच दिए. 

घटना वाली रात क्या हुआ था?

घटना की रात उन्होंने अपनी मां का फोन लिया, लेकिन वे उस डिवाइस पर कोरियन ऐप नहीं चला पाईं. मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया, लेकिन उन्हें वहां कोरियन ऐप का कोई एक्सेस नहीं मिला. डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने शनिवार को पीटीआई को बताया कि हाथ से लिखे सुसाइड नोट और मैसेज सहित उंगलियों के निशान फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है.

पाटिल ने बताया कि 2015 में, पिता चेतन कुमार की लिव-इन पार्टनर की साहिबाबाद थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर कॉलोनी में एक फ्लैट की छत से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. बाद में पुलिस ने उस मौत को आत्महत्या मानकर मामला बंद कर दिया था.इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रांस-हिंडन पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत भारत सिटी सोसाइटी में निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने अपने आवासीय टॉवर की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी.

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चेतन की तीनों पत्नियों के नाम सामने आए 

पूछताछ में पुष्टि हुई है कि वर्तमान में कुमार की तीन पत्नियां हैं- सुजाता (निशिका की मां), हीना (प्राची और पाखी की मां) और टीना. आत्महत्या करने वाली तीनों नाबालिग बहनें अपनी मां के बजाय पिता से ज्यादा जुड़ी हुई थीं. इसीलिए उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पिता को संबोधित किया और कहीं भी अपनी मां के नाम का जिक्र नहीं किया.

पुलिस को है फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

डीसीपी पाटिल ने कहा कि साइबर क्राइम टीमें आईएमईआई (IMEI) नंबरों के जरिए मोबाइल फोन खरीदने वालों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं ताकि कोरियन ऐप्स का डेटा बरामद किया जा सके. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस विभिन्न कोणों से मामले की जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

पुलिस का कहना है कि इस मामले को आत्महत्या के रूप में देखा जा रहा है. जांच का मुख्य केंद्र ऑनलाइन गेमिंग के जुनून के पिता के दावों की पुष्टि करना और पारिवारिक परिस्थितियों सहित सभी पहलुओं की जांच करना है.

नौ पन्नों की पॉकेट डायरी में क्या मिला?

शुरुआती जांच में गुरुवार को बहनों के कमरे से नौ पन्नों की पॉकेट डायरी मिली है, जो कोरियन संस्कृति के प्रति उनके गहरे लगाव और कथित पारिवारिक कलह की ओर इशारा करती है. पाटिल ने बताया कि कुमार ने करीब तीन महीने पहले निशिका के लिए और करीब 15 दिन पहले प्राची के लिए मोबाइल फोन खरीदा था. तीनों बहनों का अंतिम संस्कार बुधवार शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया.

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