समाजवादी पार्टी (एसपी) चीफ अखिलेश यादव ने ‘परिवारवाद’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अखिलेश ने कहा, ”हमें परिवार होने पर गर्व है. परिवार वाला व्यक्ति झोला लेकर नहीं भागेगा और न ही परिवार को पीछे छोड़ देगा. लॉकडाउन के दौरान, अगर सीएम का परिवार होता, तो वे अपने घर पहुंचने के लिए मीलों पैदल चलने वाले मजदूरों का दर्द समझते.”
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बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा था, ”मैं जो नकली समाजवाद की चर्चा करता हूं ये पूरी तरह परिवारवाद है. लोहिया जी का परिवार कहीं नजर आता है क्या? जॉर्ज फर्नांडिस का परिवार कहीं नजर आता है क्या? नीतीश बाबू का परिवार कहीं नजर आता है क्या?”
इसके अलावा उन्होंने कहा था, ”एक बार किसी ने मुझे चिट्ठी भेजी थी कि यूपी में समाजवादी पार्टी के परिवार से 45 लोग ऐसे थे जो किसी न किसी पद पर थे. किसी ने मुझे कहा कि उनके पूरे परिवार में 25 साल से अधिक आयु के हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है.”
इसके बाद अखिलेश ने 10 फरवरी को बिजनौर में कहा, ”मैं कहना चाहता हूं कि जिनके पास परिवार होता है वे ही एक परिवार का दर्द समझ सकते हैं, वे नहीं जिनके पास परिवार नहीं होता.” उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा, ”बीजेपी को अपने पिछड़े घोषणा पत्र के लिए 2 मिनट का मौन रखना चाहिए क्योंकि वे 5 साल पहले किए गए वादों को पूरा नहीं कर सके.”
बता दें कि बिजनौर में 10 फरवरी को समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) की संयुक्त ‘समाजवादी विजय यात्रा’ निकली. इसमें अखिलेश के साथ आरएलडी चीफ जयंत चौधरी भी मौजूद रहे.
अखिलेश ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर कहा, ”यह चुनाव संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए है. क्या योगी सरकार में भ्रष्टाचार खत्म हुआ? सच यह है कि डबल इंजन सरकार का मतलब है डबल करप्शन.”
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