अपर्णा यादव ने जला दिया था सपा-कांग्रेस का झंडा, भाजपा उनके इस कदम से है नाराज! क्या है अंदर की पूरी खबर? 

UP Political News: 'आज का यूपी' में देखिए फतेहपुर में अखिलेश यादव की चाय पर मचा बवाल, पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह के गंभीर आरोप और अपर्णा यादव द्वारा अखिलेश की तस्वीर जलाने का पूरा विश्लेषण.

यूपी तक

• 12:25 PM • 21 Apr 2026

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यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में आपका स्वागत है. यहाँ हम उत्तर प्रदेश की उन चुनिंदा खबरों का गहराई से विश्लेषण करते हैं, जिन्होंने राज्य की सियासत और सामाजिक ताने-बाने में हलचल पैदा कर दी है. आज के अंक में हम तीन ऐसी खबरों पर बात करेंगे जो न केवल चौंकाने वाली हैं, बल्कि यूपी के भविष्य के सियासी समीकरणों की ओर इशारा भी कर रही हैं. पहली खबर फतेहपुर के उस 'चाय कांड' की है, जो अब मानहानि और जातीय संघर्ष का केंद्र बन चुका है. दूसरी खबर इसी घटना के चलते सपा के पारंपरिक वोट बैंक यानी मुस्लिम समुदाय में उपजी नाराजगी की है. वहीं, तीसरी खबर मुलायम परिवार की छोटी बहू अपर्णा यादव की है, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान 'मर्यादा' की लकीर पार कर दी है.

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अखिलेश की 'चाय' पर फतेहपुर में 'महाभारत'

फतेहपुर में 20 फरवरी को अखिलेश यादव का आर्यन यादव की चाय की दुकान पर रुकना अब एक बड़े राजनीतिक संकट में तब्दील हो गया है. करीब डेढ़ महीने बाद इस दुकान पर फूड विभाग का छापा पड़ा, जिसे सपा ने 'सियासी प्रतिशोध' बताया.

मामला तब और बिगड़ा जब आर्यन यादव के साथ स्थानीय मुस्लिम युवकों ने मारपीट की. आर्यन ने बजरंग दल की मदद से एफआईआर दर्ज कराई, तो अखिलेश यादव ने उसे लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया. अखिलेश ने इस पूरी पटकथा के पीछे बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह का हाथ बताते हुए उन पर कछुआ तस्करी जैसे गंभीर आरोप जड़ दिए. अब धुन्नी सिंह ने इन आरोपों के खिलाफ मानहानि के मुकदमे की चेतावनी दी है.

मुस्लिम समाज का 'अखिलेश' पर वार: क्या उलझ गया वोट बैंक?

फतेहपुर की इस घटना ने सपा के लिए एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है. जहाँ अखिलेश यादव आर्यन यादव को 'पीड़ित' बता रहे हैं, वहीं स्थानीय मुस्लिम समाज ने अखिलेश का पुतला फूंक कर अपनी नाराजगी जाहिर की है. मुस्लिम समुदाय का कहना है कि अखिलेश ने केवल एक पक्ष (आर्यन) को सुना और उनके समुदाय के लड़कों का पक्ष जाने बिना ही इसे बड़ा मुद्दा बना दिया.

आरोप है कि एक साधारण आपसी विवाद को सियासी और सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है. साथ ही, बीजेपी नेता धुन्नी सिंह (ठाकुर समाज) पर किए गए व्यक्तिगत हमलों ने इसे 'ठाकुर बनाम अन्य' की जंग बना दिया है. मुस्लिम समाज की यह नाराजगी आने वाले चुनावों में सपा के मजबूत किले में सेंध लगा सकती है.

अपर्णा यादव का 'पोस्टर वार': अपनों के बीच ही घिरीं!

आज की तीसरी बड़ी खबर अपर्णा यादव के चौंकाने वाले प्रदर्शन से जुड़ी है. लखनऊ में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में उतरीं अपर्णा ने समाजवादी पार्टी के झंडे के साथ-साथ अखिलेश यादव की तस्वीर वाले पोस्टर को आग के हवाले कर दिया.

तस्वीर जलाने की इस घटना ने बीजेपी के भीतर भी सुगबुगाहट तेज कर दी है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी संगठन व्यक्तिगत हमलों और परिवार के सदस्यों की तस्वीरें जलाने की राजनीति को सही नहीं मान रहा है. अपर्णा के इस कदम से बीजेपी ने फिलहाल किनारा कर लिया है, जिसके बाद वे राजनीतिक और पारिवारिक दोनों मोर्चों पर अलग-थलग पड़ती नजर आ रही हैं.