UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन नए मंत्रियों को अभी तक विभाग नहीं सौंपे गए हैं. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही नए मंत्रियों को विभाग दिए जा सकते हैं और सरकार के कई मंत्रालयों में बड़ा फेरबदल भी देखने को मिल सकता है. दरअसल, 10 मई को योगी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था. इसमें 6 नए मंत्रियों को शामिल किया गया, जबकि दो राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया. हालांकि शपथ लेने के बाद भी अब तक इन मंत्रियों को विभाग नहीं दिए गए हैं. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय मिलेगा.
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अमित शाह संग योगी की अहम बैठक
दिल्ली दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अमित शाह और नितिन नवीन से मुलाकात की. इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे का रास्ता साफ हो सकता है. साथ ही बीजेपी संगठन में भी बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि यूपी बीजेपी संगठन और पंकज चौधरी की टीम को लेकर भी पार्टी स्तर पर मंथन चल रहा है. नए मंत्रियों के विभागों को लेकर सरकार और संगठन दोनों स्तर पर राजनीतिक और जातीय समीकरण साधने की कोशिश की जा रही है. योगी कैबिनेट में शामिल किए गए 6 नए मंत्रियों में पांच दलित और ओबीसी समुदाय से हैं, जबकि एक मंत्री ब्राह्मण समाज से हैं. बीजेपी इस कैबिनेट विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है.
पुराने मंत्रियों के विभाग बदलने के संकेत
सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों के बीच बेहतर विभाग पाने की होड़ भी शुरू हो चुकी है. कई मंत्री दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और अपने लिए अहम मंत्रालय की कोशिश कर रहे हैं. माना जा रहा है कि सिर्फ नए मंत्रियों को विभाग देने तक ही मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुराने मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा बदलाव किया जा सकता है.
PWD विभाग पर सबसे ज्यादा नजर
योगी सरकार में सबसे ज्यादा चर्चा लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी को लेकर हो रही है. 2022 में सरकार बनने के बाद यह विभाग जितिन प्रसाद को दिया गया था, लेकिन उनके केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद यह विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है. अब चर्चा है कि क्या यह विभाग नए मंत्री भूपेंद्र चौधरी को दिया जाएगा या फिर दोबारा केशव प्रसाद मौर्य को इसकी जिम्मेदारी मिल सकती है. पीडब्ल्यूडी विभाग को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक जबरदस्त लॉबिंग चल रही है. राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अहम विभाग को अपने पास भी रख सकते हैं. वहीं समाजवादी पार्टी से बगावत कर बीजेपी में आए मनोज पांडेय को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. चूंकि वह अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रह चुके हैं, इसलिए उन्हें भी बड़ा मंत्रालय मिलने की संभावना जताई जा रही है.
योगी सरकार में बड़े बदलाव के संकेत
इसके अलावा जिन मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार मिला है, उन्हें कौन-कौन से विभाग मिलेंगे, इस पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे के जरिए बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नया राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की तैयारी में है. सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ मंत्रियों के कामकाज, संगठनात्मक बदलाव और विभागों के फेरबदल को लेकर भी चर्चा की है. पिछले दिनों कई मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट भी मंगाई गई थी और कुछ विभागों के प्रदर्शन को लेकर नाराजगी की बातें सामने आई थीं. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में योगी सरकार के मंत्रिमंडल के स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
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