'मैंने नहीं किया...' यूपी विधान परिषद में सपा MLC मुकुल यादव के फर्जी साइन कर किसने कर दिया खेला!

यूपी तक

• 06:18 PM • 10 Aug 2026

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सपा MLC मुकुल यादव के नाम से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए सवाल जमा किए जाने का मामला सामने आया है. सवाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़ा था और 5 अगस्त को नियम 111 के तहत जमा किया गया था.

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उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के MLC मुकुल यादव के नाम से एक सवाल जमा किए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि इस सवाल को दाखिल करने के लिए मुकुल यादव के फर्जी सिग्नेचर का इस्तेमाल किया गया. मामला सामने आने के बाद विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं.

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सवाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़ा था और इसे नियम 111 के तहत 5 अगस्त को विधान परिषद में जमा किया गया था,  लेकिन जब परिषद के कर्मचारियों ने मुकुल यादव से इस बारे में संपर्क किया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने ऐसा कोई सवाल जमा नहीं किया है और पत्र पर किए गए उनके हस्ताक्षर भी फर्जी हैं.

दूसरे सवालों के सिग्नेचर से हुआ शक

विधान परिषद के सूत्रों के मुताबिक, मुकुल यादव के नाम से जमा किए गए सवाल पर कार्रवाई के तहत परिषद ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट भी मांगी थी. इसी दौरान विवादित पत्र पर किए गए हस्ताक्षर को उनके दूसरे सवालों के सिग्नेचर से मिलाया गया.

तुलना करने पर दोनों हस्ताक्षरों में अंतर पाया गया. इसके बाद परिषद की ओर से मुकुल यादव से इसकी पुष्टि की गई. उन्होंने बताया कि विवादित सवाल उन्होंने जमा नहीं किया था. मामला सिर्फ एक सवाल के गलत तरीके से दाखिल होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसी ने उनके नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर परिषद में दस्तावेज जमा किया था.

6 अगस्त को दिए जांच के आदेश

मामले की जानकारी मिलने के बाद विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने 6 अगस्त को परिषद के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा. इसमें पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए.

सभापति ने कहा कि सवाल जमा करने वाले इलाके की CCTV फुटेज भी खंगाली जाएगी. इसका मकसद उस व्यक्ति की पहचान करना है, जिसने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र जमा किया.

कर्मचारी की भूमिका मिली तो होगी सख्त कार्रवाई

कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि जांच के दौरान अगर किसी विधान परिषद कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल जांच का मुख्य सवाल यही है कि मुकुल यादव के नाम से सवाल किसने तैयार किया और उसे परिषद में किसने जमा किया. CCTV फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी.

इस मामले में समाजवादी पार्टी के MLC मुकुल यादव से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.