2 शब्द जरूर कहने चाहिए थे... अतीक के बेटे की मौत पर सपा MLA आरके वर्मा ने कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी को लिया निशाने पर

यूपी तक

• 03:07 PM • 10 Aug 2026

प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की झांसी में सड़क हादसे में मौत के बाद सियासी हलचल भी देखने को मिली. हादसे के बाद अबान का शव प्रयागराज के हटवा गांव लाया गया था जहां अतीक के परिवार से जुड़े लोगों और रिश्तेदारों ने पहुंचकर शोक जताया था.

आरके वर्मा, अतीक अहमद और इमरान प्रतापगढ़ी (फाइल फोटो)

आरके वर्मा, अतीक अहमद और इमरान प्रतापगढ़ी (फाइल फोटो)

Google CTA

SP MLA R K Verma on Imran Pratapgarhi: प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की झांसी में सड़क हादसे में मौत के बाद सियासी हलचल भी देखने को मिली. हादसे के बाद अबान का शव प्रयागराज के हटवा गांव लाया गया था जहां अतीक के परिवार से जुड़े लोगों और रिश्तेदारों ने पहुंचकर शोक जताया था. अब अंतिम संस्कार के 2 दिन बाद प्रतापगढ़ की रानीगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ. आरके वर्मा भी हटवा पहुंचे और परिवार के बीच अपनी संवेदना व्यक्त की. उनके पहुंचने के बाद इसे लेकर स्थानीय सियासत में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

यह भी पढ़ें...

परिवार से रिश्तों पर क्या बोले आरके वर्मा?

अतीक परिवार के घर पहुंचने को लेकर जब डॉ. आरके वर्मा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि राजनीति में होने के कारण उनके अतीक अहमद के परिवार से लंबे समय से संबंध रहे हैं. उन्होंने अपने इस दौरे को शोक संवेदना से जोड़ते हुए अपनी बात रखी. हालांकि, उनके हटवा पहुंचने के बाद यह चर्चा जरूर शुरू हुई कि क्या समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अतीक परिवार से जुड़े लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रही है. फिलहाल इस तरह के किसी राजनीतिक समीकरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

इमरान प्रतापगढ़ी के नहीं पहुंचने पर भी उठाए सवाल

डॉ. आरके वर्मा ने कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के अबान अहमद के निधन पर शोक जताने के लिए हटवा नहीं पहुंचने को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने दावा किया कि एक समय अतीक अहमद ने इमरान प्रतापगढ़ी की मदद की थी. आरके वर्मा ने कहा, 'इमरान प्रतापगढ़ी अतीक को मसीहा मानते रहे हैं. ऐसे में अतीक के बेटे की मौत के बाद उन्हें कम से कम दो शब्द शोक संवेदना के लिए जरूर कहने चाहिए थे.' उनके इस बयान के बाद भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.

इमरान प्रतापगढ़ी के अतीक परिवार से दूरी बनाए रखने की वजह पर भी आरके वर्मा ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, 'संभव है कि इमरान प्रतापगढ़ी किसी डर की वजह से अतीक के परिवार से दूरी बनाए हुए हों.' उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पहले भी कई सांसदों को डराकर तोड़फोड़ करती रही है. आरके वर्मा ने आगे कहा कि हो सकता है इमरान प्रतापगढ़ी भी इसी डर के कारण अतीक के परिवार से दूरी बनाए रख रहे हों. ये सभी बातें सपा विधायक की ओर से कही गई हैं.

कभी इमराम प्रतापगढ़ी ने ये कहा था अतीक के बारे में

अतीक अहमद और उनके परिवार के साथ इमरान प्रतापगढ़ी के करीबी रिश्ते जगजाहिर रहे हैं. इमरान  पुराने मुशायरों और चुनावी मंचों के कई वीडियो आज भी इंटरनेट पर मौजूद हैं, जिनमें वे अतीक की शान में कसीदे पढ़ते और उनकी तारीफ करते नजर आते थे.  अतीक के लिए इमरान प्रतापगढ़ी कहा करते थे, 'इलाहाबाद वालों मेरी एक बात याद रखना, कई सालों तक कोई अतीक अहमद होगा. मुझे इस बात का अंदाज़ा है कि एक शख्स इस शहर में बैठा यही, जो सबकुछ संभाल लेगा'
 

2027 के चुनाव से जोड़कर देखे जा रहे घटनाक्रम

अबान अहमद की मौत के बाद सपा विधायक आरके वर्मा का हटवा पहुंचना प्रयागराज की राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है. एक तरफ सपा विधायक ने अतीक परिवार से अपने पुराने राजनीतिक संबंधों की बात कही, वहीं दूसरी तरफ उनके बयान के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि, आरके वर्मा के हटवा जाने को 2027 के चुनाव से जोड़कर किसी प्रत्यक्ष राजनीतिक रणनीति की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.