Badlapur Election 2027: जौनपुर जिले की बदलापुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक है. 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर 2012 के पहले चुनाव में समाजवादी पार्टी के ओम प्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने जीत हासिल की थी. हालांकि 2017 और 2022 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के रमेश चंद्र मिश्रा ने लगातार दो बार जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम किया. 2022 के चुनाव में कांटे की टक्कर में बीजेपी महज 1326 वोटों के मामूली अंतर से जीत पाई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी जहां अपने विकास कार्यों के दम पर जीत की हैट्रिक लगाने का दावा कर रही है.वहीं सपा लोकसभा चुनाव 2024 में मिली बढ़त के बूते वापसी की रणनीति बना रही है.
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बदलापुर विधानसभा का जातीय गणित
बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3,76,000 है. यहां किसी भी प्रत्याशी की जीत या हार तय करने में जातीय समीकरण और एडिशनल वोट बैंक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.अनुमानित सामाजिक समीकरण नीचे देखे जा सकते हैं.
ब्राह्मण: 70000 से 75000 (गेम चेंजर वोटर)
ठाकुर (राजपूत): 65000 से 70000
यादव: 55000 से 60000
दलित: 40000 से 45000
निषाद / बिंद: 30000 से 35000
मुस्लिम: 15000 से 20000
बीजेपी और सपा के अपने-अपने दावे
बीजेपी विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में नदियों पर पुलों का निर्माण (चकरीहावा घाट पुल), पीली नदी का पुनरुद्धार, सड़कों का चौड़ीकरण, आईटीआई, बस स्टेशन, फायर स्टेशन और अस्पतालों का आधुनिकीकरण कराया है.
2027 का लक्ष्य: विधायक का कहना है कि वे दिसंबर 2026 तक सड़कों के चौड़ीकरण और पुलों के बचे हुए कामों को पूरा कर लेंगे और 2027 में विकास के दम पर फिर से बीजेपी का कमल खिलाएंगे.
वहीं सपा का मानना है कि 2022 में मामूली अंतर से हारने वाले प्रत्याशी (बाबा दुबे) के पार्टी छोड़ने के बावजूद सपा का संगठन बदलापुर में बेहद मजबूत हुआ है.
2024 लोकसभा चुनाव का आंकड़ा: सपा के अनुसार, पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति के दम पर 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने बदलापुर विधानसभा क्षेत्र के भीतर बीजेपी प्रत्याशी पर लगभग 10,700 वोटों की बड़ी बढ़त हासिल की थी.
2027 का दावा: पार्टी का कहना है कि क्षेत्र में जो कमियां थीं उन्हें ठीक कर लिया गया है और 2027 में एक मजबूत प्रत्याशी के साथ सपा यह सीट बड़े अंतर से जीतेगी.
2027 में क्या होंगे मुख्य मुद्दे?
स्थानीय पत्रकारों (राजन मिश्रा और राजेश श्रीवास्तव) के अनुसार बदलापुर में मुकाबला कई अहम कारकों पर निर्भर करेगा.
सपा के लिए चेहरा तलाशने की चुनौती: 2022 में करीब 81 हजार वोट पाने वाले बाबा दुबे अब सपा में नहीं हैं. ऐसे में सपा को रमेश मिश्रा के सामने एक मजबूत और साफ़-सुथरी छवि वाला चेहरा खड़ा करना होगा.
विकास बनाम जातिवाद: विधायक रमेश मिश्रा ने भले ही पीली नदी पुनरुद्धार और इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े काम किए हों लेकिन चुनाव के वक्त जातीय समीकरण और पार्टी निष्ठाएं हावी हो जाती हैं.
स्थानीय मुद्दे: बदलापुर को जिला बनाने की मांग और विकास कार्यों के जमीनी असर पर जनता 2027 में अपना अंतिम फैसला सुनाएगी.
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