बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह का 4 साल पुराना विवाद खत्म! कैसे हुआ 'पैचअप'

मयंक शुक्ला

• 11:15 AM • 24 Sep 2026

बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच 4 साल पुराना पतंजलि घी विवाद खत्म. अयोध्या के महंत राजकुमार दास की मध्यस्थता में दिल्ली में हुई मुलाकात.

तस्वीर: बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह

तस्वीर: बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह

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योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले करीब चार साल से चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है. पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जारी बयानबाजी के बीच बुधवार को दिल्ली में बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह की आमने-सामने मुलाकात हुई. इस मुलाकात के बाद दोनों के बीच मतभेदों को सुलझा लिया गया है.

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महंत राजकुमार दास ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका

इस बैठक में अयोध्या के श्रीरामवल्लभाकुंज के महंत और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की धर्म समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास की भूमिका बेहद अहम रही. उन्होंने दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता तैयार किया. महंत राजकुमार दास के साथ पूज्य आलोक दास महाराज, चित्रकूट धाम की मध्यस्थता में यह बातचीत संपन्न हुई. महंत राजकुमार दास ने फोन पर बताया कि उनका उद्देश्य विवाद को बढ़ाने के बजाय संवाद, आपसी सम्मान और सौहार्द का माहौल तैयार करना था. उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत का मकसद किसी को सही या गलत साबित करना नहीं, बल्कि गलतफहमियों को दूर करना था.

बाबा रामदेव बोले- बातचीत से दूर हुईं भ्रांतियां

मुलाकात के बाद बाबा रामदेव की ओर से विवाद समाप्त होने की पुष्टि की गई. बाबा रामदेव ने कहा, "बृजभूषण शरण सिंह के मन में कुछ भ्रांतियां थीं, जो बातचीत के बाद दूर हो गईं और मामले का पटाक्षेप हो गया." इसके साथ ही बाबा रामदेव ने पतंजलि के घी और दवाओं की गुणवत्ता पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि पतंजलि का गाय का घी और दवाएं नकली नहीं हैं.

साल 2022 से चल रहा था विवाद

दोनों नेताओं के बीच विवाद की शुरुआत 2022 में हुई थी, जब बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के घी और उत्पादों की गुणवत्ता पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे. इसके बाद से दोनों ओर से तीखी बयानबाजी जारी थी.

यह मामला सितंबर 2026 में तब और गरमा गया जब पतंजलि फूड्स लिमिटेड द्वारा बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किए जाने की खबर सामने आई. इस मामले की कानूनी प्रक्रिया अलग से जारी है.

अयोध्या से शुरू हुई पहल पहुंची दिल्ली

महंत राजकुमार दास का बाबा रामदेव के साथ पहले से धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव रहा है. जनवरी 2026 में जब बाबा रामदेव अयोध्या आए थे, तब श्रीरामवल्लभाकुंज में महंत राजकुमार दास ने उनका अभिनंदन किया था. इसी संपर्क के आधार पर अयोध्या से शुरू हुई मध्यस्थता की पहल दिल्ली में आमने-सामने की सफल बातचीत तक पहुंची.