अप्रैल में कब हो सकता है योगी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार, क्या सपा के बागी विधायकों को मिलेगी जगह?

यूपी तक के शो 'आज का यूपी' में जानें योगी कैबिनेट विस्तार की तारीख और जातीय समीकरण, अखिलेश यादव का पाल समाज को साधने का मास्टरप्लान और निषाद राजनीति की पूरी इनसाइड स्टोरी.

कुमार अभिषेक

• 08:51 AM • 27 Mar 2026

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यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक हलचलों का सटीक विश्लेषण लेकर पेश है. आज के अंक में हम तीन बड़ी खबरों पर चर्चा करेंगे. पहली, उत्तर प्रदेश में होने वाला संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और उसमें हावी रहने वाला जातीय समीकरण. दूसरी, अखिलेश यादव द्वारा पाल समाज को साधने की कवायद और विधायक पूजा पाल की बगावत का विश्लेषण और तीसरी निषाद वोट बैंक पर कब्जे के लिए सपा और भाजपा के बीच छिड़ी रुक्मणी निषाद बनाम साध्वी निरंजन ज्योति की राजनीतिक जंग. 

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यूपी कैबिनेट विस्तार- ब्राह्मण, पासी और कुर्मी समाज की खुलेगी लॉटरी

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आगामी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. माना जा रहा है कि अप्रैल के पहले हफ्ते (6-8 अप्रैल) तक नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है. इस विस्तार में भाजपा का मुख्य फोकस उन जातियों पर है, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी से दूरी बनाई थी. 

जातीय समीकरण 

सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार में पासी, कुर्मी और ब्राह्मण चेहरों को प्रमुखता दी जाएगी. अवध और पूर्वांचल में इन समुदायों की नाराजगी को दूर करने के लिए भाजपा यह बड़ा कदम उठा रही है. 

संगठन और सरकार का तालमेल 

चर्चा है कि करीब 9 से 12 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं. कुछ मौजूदा मंत्रियों को उनके संगठन कौशल के आधार पर हटाकर पार्टी की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि सपा छोड़कर भाजपा की मदद करने वाले चेहरों को भी कैबिनेट में जगह मिलने की प्रबल संभावना है. 

अखिलेश का पाल दांव- प्रदेश अध्यक्ष की तारीफ और पूजा पाल का हमला

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इन दिनों पिछड़ों और दलितों को जोड़ने की अपनी PDA रणनीति पर आक्रामक ढंग से काम कर रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने अपने प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की जमकर तारीफ की है. अखिलेश ने श्यामलाल पाल को पाल समाज का सबसे बड़ा नेता बताते हुए भाजपा पर तंज कसा कि उनके पास इस कद का कोई नेता नहीं है. वहीं, सपा विधायक पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए अखिलेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यदि योगी जी न होते, तो माफिया अतीक अहमद के गुर्गे उनकी भी हत्या कर देते. अखिलेश ने इसे भाजपा की 'गुमराह करने वाली राजनीति' करार दिया है. 

निषाद पॉलिटिक्स- फूलन देवी की बहन बनाम साध्वी निरंजन ज्योति

यूपी की सियासत में निषाद वोट बैंक हमेशा से निर्णायक रहा है. अब सपा और भाजपा दोनों ने इस समाज के बड़े चेहरों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है. अखिलेश यादव ने दस्यु सुंदरी फूलन देवी की बड़ी बहन रुक्मणी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर निषाद समुदाय में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश की है. कानपुर में उनके भव्य स्वागत को इसी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है.

भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) का अध्यक्ष बनाकर एक बड़ा संवैधानिक दांव खेला है. इसके जरिए भाजपा ने निषाद समाज को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनके समाज का सम्मान केवल भाजपा में सुरक्षित है.

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