चंद्रशेखर आजाद अब हमारे साथ हैं, हम दोनों मिलकर दलितों को साथ लेकर चलेंगे: अखिलेश

अनिल भारद्वाज

02 May 2023 (अपडेटेड: 02 May 2023, 04:34 PM)

यूपी नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर सहारनपुर में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मंगलवार को पहुंचे. यहां उन्होंने सपा के मेयर पद…

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यूपी नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर सहारनपुर में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मंगलवार को पहुंचे. यहां उन्होंने सपा के मेयर पद प्रत्याशी नूर हसन मलिक के समर्थन में एक रोड शो किया. रोड शो के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव के साथ आजाद समाज पार्टी के चीफ चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) भी मौजूद रहे.

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उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से बचकर रहना है. बीएसपी ने भारतीय जनता पार्टी से हाथ मिलाया है.

अखिलेश ने कहा,

“हमें खुशी है कि चंद्रशेखर आजाद अब हमारे साथ हैं. हम दोनों मिलकर बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम जी के आदर्शों पर दलितों को साथ लेकर चलेंगे.”

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग नफरत फैलाने और हिन्दू-मुस्लिम और समाज को लड़ाने की राजनीति कर रहे हैं. इनके पास जनता को बताने के लिए खुद का कोई काम नहीं है. भाजपा सरकार ने नगरों में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों को रोक दिया.

सपा चीफ ने कहा कि यह चुनाव शहरी क्षेत्रों में साफ सफाई और जनता की सुविधाओं के लिए है, लेकिन मुख्यमंत्री तमंचे की बात करते हैं. मुख्यमंत्रीजी से सफाई, ट्रैफिक, जनसमस्याओं, बेरोजगारी, महंगाई पर सवाल करो तो जवाब तमंचा मिलता है. ऐसे मुख्यमंत्री जी से क्या उम्मीद की जा सकती है.

उन्होंने कहा,

“प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है. प्रदेश में हर दिन महिलाओं और बेटियों के साथ घटनाएं हो रही है. व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है. अन्याय, अत्याचार चरम पर है. मुख्यमंत्रीजी दूसरों को माफिया बताते हैं. अगर वे स्वयं के मुकदमे वापस न लेते तो उनकी चार्टशीट बहुत लंबी होती. उन पर तमाम तरह के गंभीर मुकदमे दर्ज थे.”

वहीं, चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जो सत्ता में है ही नहीं, जिनसे लड़ाई ही नहीं, उनके लिए क्या सवाल और उनको क्या जवाब दें. लोकतंत्र है जनता तय करेगी कि किसको क्या मिलेगा. हमारा काम मेहनत करना है. पिछले पांच साल से हम लगातार मेहनत करते रहे, अब भी मेहनत कर रहे हैं. चुनाव के बाद नेता घर बैठ गए जिनको चुनाव लड़ना था. फिर से अम्बेडकरवादी और समाजवादी सड़कों पर हैं.

अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आजाद ने निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी और गठबंधन के प्रत्याशियों को जिताने की अपील की.