उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सरकार का पक्ष रखा है. नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्णय के 24 घंटे के अंदर ही पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है.
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के 36 घंटे के अन्दर ही पिछड़े वर्ग के आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में आज एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दाखिल की.
एके शर्मा ने कहा कि रैपिड सर्वे के आधार पर 5 दिसंबर, 2022 के टेंटेटिव नोटिफिकेशन में राज्य सरकार ने 27 फीसदी आरक्षण पिछड़े वर्ग को देने की व्यवस्था की थी. उन्होंने कहा कि बिना ओबीसी आरक्षण के नगरीय निकाय चुनाव प्रदेश सरकार नहीं कराएगी.
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ‘सबका साथ,सबका विकास’ के विजन एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यपद्धति ऐसी है, जिसमें समाज के सभी वर्गों के साथ पिछड़े वर्गों सहित कमजोर,वंचित एवं दबे कुचलों को न्याय दिलाना ही प्रदेश सरकार का उद्देश्य है.
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार अनवरत समाज के हर वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही. मंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय छुट्टियों के बाद जल्द सुनवाई करेगी और हमें न्याय मिलेगा,यही उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शोषित, वंचित, पिछड़े वर्गों के विकास के लिए केंद्र व प्रदेश की सरकार समर्पित है.
UP निकाय चुनाव: OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची योगी सरकार, दाखिल की एसएलपी
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