'जेल में न AC मिलेगी, न ट्विटर होगा...', गोमती रिवर फ्रंट मामले पर ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर लगाए गंभीर आरोप

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी के बीच सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना को लेकर अखिलेश यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि मामले की जांच जारी है और जल्द सच्चाई सामने आएगी. हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक अखिलेश यादव की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

Om Prakash Rajbhar On Akhilesh Yadav

Om Prakash Rajbhar On Akhilesh Yadav (Photo: AI Generated)

आशुतोष चौबे

• 10:58 AM • 22 Jun 2026

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Om Prakash Rajbhar On Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाल के दिनों में बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट के अपने दावे के बाद अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर नया हमला बोला है. सोशल मीडिया पर 'सत्यमेव जयते: गोमती रिवर फ्रंट, सैफई परिवार का भ्रष्टाचार पार्ट-1' शीर्षक से एक पोस्टर साझा करते हुए उन्होंने परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. राजभर ने दावा किया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी. हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक अखिलेश यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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चुनावी खर्च और भ्रष्टाचार के आरोप

राजभर ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्टर में आरोप लगाया कि गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का बजट विकास कार्यों के बजाय साल 2017 के विधानसभा चुनाव और सैफई परिवार की तिजोरी में खर्च किया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच चल रही है और संबंधित एजेंसियां इसकी पड़ताल कर रही हैं. राजभर ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का सच जनता के सामने आ जाएगा.

अधूरे प्रोजेक्ट को लेकर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी के कारण विपक्षी दल अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल चुनाव में नहीं कर पाए. उनके अनुसार, गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च होने के बावजूद केवल 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका, जबकि शेष 40 प्रतिशत राशि विकास कार्यों पर खर्च होने के बजाय अन्य जगह इस्तेमाल हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि इस धन का उपयोग विधानसभा चुनाव और सैफई परिवार की तिजोरी के लिए किया गया.

'जेल में न एसी मिलेगा, न ट्विटर' कहकर दी चेतावनी?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में राजभर ने लिखा 'गोमती रिवर फ्रंट का जो फंड था उसे आपने 2017 के चुनाव में खर्च किया. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई नोटबंदी की वजह से आप, अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाए. यही वजह है कि गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च करने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका. 40 फीसदी काम पर जो पैसा खर्च होना था, वह सैफई परिवार की तिजोरी और विधानसभा चुनाव में खर्च हुआ. अखिलेश बाबू को लगा था कि सरकार में वापसी के साथ अपनी चोरी छिपा ले जाएंगे, लेकिन पाप का घड़ा भर चुका था. एक-एक कर सारे चिट्ठे खोलूंगा. पूरी फ़ाइल लेकर बैठा हूं. माननीय संस्थाएं और माननीय एजेंसियां गोमती रिवर फ्रंट से जुड़े मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी हैं. धीरज रखें- जेल में न एसी मिलेगी, न ट्विटर होगा और न ही पीसी कर पाएंगे.'
 

फिलहाल, राजभर के इन आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में अब सभी की नजर इस पर है कि सपा इस पूरे मामले पर क्या जवाब देती है.